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एमपीटी से बाड़मेर लौट रहे थे कंपनी के कार्मिक     एमपीटी में कार्यरत गुरनाल कंपनी में कार्यरत ये कर्मचारी बस में सवार होकर बाड़मेर लौट रहे थे। इस दौरान उतरलाई के पास बस की ट्रैक्टर से भिड़ंत हो गई। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि बस ड्राइवर नशे में था। उल्लेखनीय है कि गुरनाल कंपनी एमपीटी में न्यू कंपेयर के अधीन कार्य करती है।  2006 में बना था वन एरिया क्लोजर     वन विभाग के मार्फत सन 2006 में थार प्रसार रोक परियोजना के तहत खाखरलाई रोड पर करीब 1.5 किमी वन एरिया क्लोजर बनाकर परियोजना के छठे चरण में 7500 पौधे रोपित किए गए थे। इसके बाद से विभागीय अनदेखी व लापरवाही के कारण वन एरिये में लगातार वृक्षों की अवैध कटाई होती रही तथा प्रशासन मूकदर्शक बना रहा। इसके कारण वर्तमान में एरिया क्लोजर में मात्र 250 पेड़ ही जीवित बचे हैं। वहीं एरिया क्लोजर भूमि पर चारदीवारी नहीं होने से अतिक्रमण का साया भी मंडरा रहा है। कई पेशेवर अतिक्रमी एरिये की भूमि पर कब्जा कर कब्जा सुदा भूमि को आगे से आगे बेचने का धंधा चलाकर चांदी कुटने में लगे हुए है।  शहर समेत आस-पास के क्षेत्र में सप्लाई किए जा रहे गैस सिलेंडरों में अमूमन गैस लीकेज की शिकायते सामने आ रही है। इस संबंध में कई बार उपभोक्ता गैस एजेंसी संचालकों को अवगत करवा चुके है, मगर वे उन्हें प्लास्टिक का वॉशर देकर उसे बदलने की बात कहकर रवाना कर देते हैं। जबकि नियमानुसार लीकेज गैस सिलेंडर तुरंत प्रभाव से बदलना चाहिए, मगर यहां किसी उपभोक्ता की शिकायत पर सुनवाई नहीं होती। एजेंसी संचालक बताते हैं कि कई गैस कंपनियों में सिलेंडर पुराने होने या सिलेंडर वॉशर सही फिटिंग नहीं होने से गर्मी के चलते लीकेज हो जाता है। उपभोक्ता सिलेंडर की सील खोलकर जब चूल्हे से लगाता है, तभी यह बात उसे पता चलती है। ऐसे में गैस एजेंसियों के चक्कर काटने से बचने के लिए कई लोग खुद ही वॉशर बदलते हैं और लीकेज ठीक नहीं होने पर भी मजबूरन सिलेंडर का उपयोग करते हैं।  ऑनलाइन तीन पत्ती जुआ से बर्बाद हो रहे कई युवा
 
 
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