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- आतंक का गुरूर खत्म
भास्कर न्यूजन नेटवर्कत्ननई दिल्ली
आखिरकार अफजल गुरु को फांसी पर लटका दिया गया। ठीक उसी तरह जैसे 80 दिन पहले कसाब - ने देश में सबसे पहले बताया था फांसी में देरी के कारणों को अफजल को सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2005 को फांसी की सजा सुनाई थी। 3 अक्टूबर 2006 को दया याचिका लगी। लेकिन कोर्ट के फैसले प
- असर
हिंदू आतंकवाद पर घिरी सरकार आक्रामक होगी
ञ्चहिंदू आतंकवाद पर घिरे गृहमंत्री और सरकार 21 फरवरी से शुरू हो रहे बजट - मायने
सरकार सॉफ्ट स्टेट की छवि तोडऩे में सफल होगी
ञ्चतमाम आशंकाओं, धमकियों को नजरअंदाज कर जिस प्रकार फैसला लिया, उससे स - इसके हर पहलू में राजनीति इसलिए ढेर सारे अर्थ
प्र. अचानक यह क्या हुआ?
उ. कुछ भी 'अचानक' नहीं हुआ। हां 'अचानक' लगे, ऐसा सबकुछ किया गया। अफज - सुशीलकुमार शिंदे जिन्होंने तेजी दिखाई ञ्च21 जनवरी को गृहमंत्री ने अफजल पर राष्ट्रपति द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भेजे। ञ्च3 फरवरी को राष्ट्रपति भवन से दया य
- सोनिया गांधी जिन्होंने मंजूरी दी
ञ्च सोनिया गांधी ने 13 दिसंबर 2012 को गृहमंत्री से अफजल पर अपडेट मांगा था। उन्हें तेजी से मामला निपटाने को कहा था।
- ...और नरेन्द्र मोदी जो वजह बने ञ्चकांग्रेस कतई नहीं चाहती कि चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी को हिंदुत्व या राष्ट्रीय सुरक्षा पर कांग्रेस और सरकार को घेरने
