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काले धन की जांच में अड़चन, आरबीआई नहीं दे रहा सूचना -देश-विदेश पेज  पहले गुड न्यूज  न्यूज इनबॉक्स  निर्भया के दोषी का इंटरव्यू दिखाएं, छापें : सरकार  वायु प्रदूषण से बदरंग हो रहा है ताजमहल  हंगामा षड्यंत्र, कानून तोड़ोगे तो पुलिस क्या गीत गाएगी : गृहमंत्री  सदन में कपड़े खोलकर दिखाई चोटें,   हंगामा, नौ विधायक निलंबित  भास्कर की ‘नाे निगेटिव न्यूज की मुख्यमंत्री ने सदन में की सराहना  सदन के बाहर | यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, लाठीचार्ज  बच्ची खिलाती है खाना, परिंदे दे जाते हैं तोहफे  नई दिल्ली | सरकारको राज्यसभा में मंगलवार को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा। प्रधानमंत्री और सत्ता पक्ष के रवैये से नाराज विपक्ष राष्ट्रपति के अभिभाषण पर आए धन्यवाद प्रस्ताव में संशोधन और वोटिंग के लिए अड़ गया। इसमें सरकार हार गई। दरअसल, धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खड़े हुए तो उनका रुख हमलावर था। उन्होंने विपक्ष के दलों और सदस्यों का नाम ले-लेकर हमले किए। हर आरोप पर करारा जवाब दिया। इसके बाद सदन से चले गए।   लोकतंत्रमें धमकियां चलती हैं, चलेंगी : मोदी -पेज 2    उनकीगैरमौजूदगी में विपक्षी सदस्यों ने सत्ता पक्ष से स्पष्टीकरण मांगा। लेकिन उन्हें नियमों का हवाला देते हुए मौका नहीं दिया। इससे विपक्षी सदस्य नाराज हो गए। हालांकि संशोधन जुड़वाने से सरकार पर तो कोई असर नहीं पड़ा, लेकिन किरकिरी जरूर हो गई। माकपा सांसद सीताराम येचुरी और पी. राजीव का संशोधन प्रस्ताव 57 के मुकाबले 118 मतों से पारित हुआ।   येचुरीने कहा-संशोधन वापस ले लेता, लेकिन विकल्प नहीं बचा था   इससेपहले संसदीय कार्य मंत्री एम. वेंकैया नायडू ने माकपा सदस्य येचुरी को संशोधन प्रस्ताव वापस लेने की मांग की। इस पर येचुरी ने कहा, “मैं संशोधन वापस ले लेता। लेकिन 14 घंटे की बहस के बाद विपक्ष को प्रधानमंत्री के जवाब पर स्पष्टीकरण मांगने का मौका नहीं दिया। प्रधानमंत्री एक घंटा भाषण देकर बाहर निकल गए। ऐसे में, हमारे पास कोई और विकल्प नहीं रह गया था। संशोधन नंबर-233- इस सदन को अफसोस है :   “राष्ट्रपतिके अभिभाषण में उच्च स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार को दूर करने और काला धन वापस लाने में सरकार की नाकामी का उल्लेख नहीं है। सदन को इस पर अफसोस है।   इतिहास में चौथी बार :   राज्यसभा में चौथा मौका है, जब राष्ट्रपति अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापन प्रस्ताव पर विपक्ष का संशोधन मंजूर हुआ है। सबसे पहले जनता पार्टी शासन में 30 जनवरी 1980 को संशोधन मंजूर हुआ था। फिर वीपी सिंह सरकार के शासन में 29 दिसंबर 1989 और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार के वक्त 12 मार्च 2001 को हुआ था।   सरकार ने कहा- संशोधन की प्रासंगिकता नहीं :   संशोधन के मसले पर संसदीय कार्यमंत्री वेंकैया नायडू ने कहा, ‘वित्तमंत्री अरुण जेटली ने काले धन के मुद्दे पर कई प्रावधानों की बात की है। ऐसे में संशोधन प्रस्ताव की प्रासंगिकता नहीं है। धन्यवाद प्रस्ताव में संशोधन नई बात नहीं है। पहले भी ऐसा हुआ है। यह सिर्फ यह याद दिलाने के लिए है कि हमारे पास राज्यसभा में बहुमत नहीं है। लेकिन जनता हमारे साथ है।  सलमान को हिट एंड रन मामले में राहत  यामाहा मोटर्स लेकर आएगा इलेक्ट्रिक कार  डांस क्लास खोलंेगी अभिनेत्री हेमा मालिनी  गूगल प्ले स्टोर से एप फ्री में, फिल्मों पर छूट  सुविचार   खुशियांअपने आप नहीं आतीं। आप जो कुछ भी करते हैं, ये तो उन्हीं का नतीजा है।   दलाईलामा  वर्ल्ड कप में पहली बार, 400 दो बार
 
 
 
 
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