Change Your City
 
‘फिल्म ‘मद्रास कैफे में श्रीलंका के गृहयुद्ध का दृश्य और माहौल तैयार करना एक चुनौती थी। वह कोई सुपर हीरो या मारधाड़ वाली फिल्म नहीं, बल्कि इतिहास की सच्ची घटना पर आधारित फिल्म थी। वहीं, ‘विकी डोनर में स्पर्म डोनर जैसे विषय को समाज के सामने लाना भी काफी चुनौतीपूर्ण रहा। खुशी है कि दोनों फिल्मों को पसंद किया गया। यह बात फेमस फिल्म डायरेक्टर सुजीत सरकार ने कही। वे भी जॉन अब्राहम के साथ भोपाल आए थे। यहां सुजीत ने अपने फिल्मी सफर पर सिटी भास्कर से चर्चा की।     मैंने जोखिम उठाया था     ‘फिल्म ‘मद्रास कैफे और ‘विकी डोनर दोनों मेरे लिए खास रहीं। दो संवेदनशील विषयों को उठाकर मैंने जोखिम उठाया था। मेरे दोस्त और पार्टनर जॉन अब्राहम ने मुझ पर भरोसा दिखाया। जॉन और मैं मिलकर भी अच्छी टीम बनाते हैं। हम दोनों को एक-दूसरे के साथ काम करना पसंद है। हम दोनों एक-दूसरे के काम में दखल नहीं देते। मैं क्रिएटिव देखता हूं तो वे बिजनेस। ‘मद्रास कैफे में साउंड और दृश्यों में वास्तविकता का आभास लाने के लिए हमने असली गोलियों का इस्तेमाल किया था। फिल्म के लिए हमने काफी रिसर्च की थी। किताबें पढ़ीं। यही कारण था कि फिल्म को पसंद किया गया।
 
 
MATRIMONY
 
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