ई-पेपर
Home >> Bhopal >> Dbstar Bhopal
Change Your City
 

Go to Page << Previous1234567...1011Next >>

 
 
 
मैं नेपी बदलने वाला पापा नहीं बन पाया: अभिषेक कपूर पेज-6  इसमें स्नातक और स्नातकोत्तर की 700 सीट्स खाली छोड़ दी गईं। नियमानुसार इन्हें कॉलेज लेवल काउंसलिंग (सीएलसी) द्वारा भरा जाना था। ऐसा करने के बजाय विभाग ने भोपाल के एक निजी कॉलेज को सीट्स भरने के लिए विशेष अनुमति दे दी। यह इस बात से साबित होता है कि सिर्फ इसी काॅलेज में प्रवेश की तारीख को 7 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया, जबकि बाकी जगह प्रवेश प्रक्रिया 21 नवंबर को ही खत्म कर दी गई थी। खाली सीट्स भरने के लिए विभाग ने कोई विज्ञापन भी जारी नहीं किया, जबकि विज्ञापन निकालना अनिवार्य है। तारीखों में की गई गड़बड़ी की पुष्टि विभाग के रिकॉर्ड से होती है। इस संबंध में केन्द्र सरकार को शिकायत की गई है। इसमें उठाए गए मुद्दों पर प्रमुख सचिव कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। मजेदार बात यह है कि जिम्मेदार अधिकारी ऐसी काेई शिकायत मिलने की बात से ही इंकार कर रहे हैं।  एक दर्जन से अधिक मार्ग कर चुके हैं समतल   डीबी स्टार को नवल ने बताया कि उनके लिए यह आम बात है। वे जिस रास्ते से गुजरते हैं, अगर वह ऊबड़-खाबड़ है तो उसे समतल करने के बाद ही आगे बढ़ते हैं। नवल का कहना है कि अब तक उन्होंने कटारा हिल्स के सात, बर्रई के दो, बमुलिया के चार और रापड़िया का एक रास्ता समतल किया है। ये वो रास्ते हैं, जो बारिश के बाद गहरे गड्ढों में तब्दील हो जाते हैं। अब सवाल यह उठता है कि जब नवल सिंह एक ट्रैक्टर की मदद से चंद घंटों में कच्ची सड़क को समतल कर देते हैं तो सरकारी एजेंसियों के पास भारी अमला और मशीनें होने के बावजूद सड़क निर्माण में देरी क्यों होती है?
 
 
 
 
MATRIMONY
 
विज्ञापन