मारे गए लोगों के शव मांगने पहंुचे परिजन, जताया विरोध

मारे गए लोगों के शव मांगने पहंुचे परिजन, जताया विरोध

नुलकातोंग मुठभेड़ पर उठे सवाल, बेगुनाह ग्रामीणों को मारने का आरोप

भास्कर न्यूज | जगदलपुर/सुकमा
सुकमा के नुलकातोंग एनकाउंटर को लेकर पुलिस दावा कर रही है कि प्रदेश में अब तक इतनी बड़ी संख्या में कभी नक्सली नहीं मारे गए थे लेकिन पुलिस की इस बड़ी सफलता पर ग्रामीणों और आप नेत्री सोनी सोरी ने सवाल खड़े कर दिए हैं। भास्कर पुलिस और सोनी सोरी की ओर से बताई गई बातें उन्हीं के हवाले से यहां पेश कर रहा है। दोनों ही कहानियों में अफसरों और नेताओं के अपने-अपने दावे हैं। इसकी सच्चाई जांच से ही साबित होगी लेकिन भास्कर सभी पक्षों की कहानी शब्दश: प्रकाशित कर रहा है।
बड़ी गश्त देख ग्रामीण भागे वहीं जवानों ने मारी गोली
नुलकातोंग में एनकाउंटर के बाद मंगलवार की शाम सोनी सोरी सुकमा पहुंची थी। सोनी ने दावा किया कि शाम को उसकी मुलाकात मारे गए लोगों के परिजनों से हुई है। उन्होंने मारे गए परिजनों की बातचीत को आधार बताते हुए आरोप लगाए कि पुलिस ने जिन 15 लोगों को मारा है उनमें 6 नाबालिग भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की एक बड़ी पार्टी इस इलाके में गश्त के लिए निकली थी। बड़ी संख्या में जवानों को देखकर ग्रामीण जंगल की ओर भागे। इसके बाद जवानों ने इनका पीछा किया और अंधाधुंध गोली चला दी। इस गोलीबारी में 15 लोग मारे गए। उन्होंने बताया कि गोलीबारी में गोमपाड़ में रहने वाले दो सगे भाई, जो नाबालिग हैं उनकी भी मौत हो गई है। उन्होंने दावा किया कि सुकमा के गोमपाड़ निवासी मरकाम लिंगे अपने बेटों का शव लेने पहुंची थी। मरकाम लिंगे के हवाले से उन्होंने बताया कि मड़काम हूंगा और मड़काम आयाता दोनों सगे भाई थे और मरकाम लिंगे के बेटे थे। सोनी का कहना था कि मरकाम लिंगे ने दावा किया है कि उनके बेटे नक्सली नहीं थे और नाबालिग थे। इसके अलावा सोनी ने कहा कि जब वेे एक साल पहले तिंरगा यात्रा लेकर गोमपाड़ गई थीं तब इन दोनों भाइयों को स्कूल में दाखिला करवाने के लिए भी लिंगे से कहा था।
उनका दावा है कि पुलिस ने निर्दोष ग्रामीणों को मारा है। इसके अलावा सोनी ने आराेप लगाए कि जब वह शाम को सुकमा पहुंचीं तब तक मृतकों के परिजन भूखे थे उन्होंने कुछ नहीं खाया था। इसके बाद जब वह परिजनों के लिए नाश्ता लेने गई और वापस आईं तो पुलिस वाले परिजनों को वहां से किसी अज्ञात स्थान पर लेकर चले गए। सोनी ने दावा किया है कि सभी बालिगों और मारे गए ग्रामीणों के संबंध में विस्तृत खुलासा करेंगी।
सोनी सोरी
अंधाधुंध गोली चलाने का आरोप
शवों के लेने बड़ी संख्या में ग्रामीण पहले कोंटा पहुंचे फिर वहां से सुकमा गए।
सोमवार को मुठभेड़ में पकड़ी गई महिला नक्सली का इलाज जारी, उसे गोली नहीं लगी
एनकाउंटर के दौरान पकड़ी गई घायल महिला नक्सली बुधरी को सोमवार शाम पुलिस ने जिला अस्पताल में एडमिट कराया। शुरुआत में महिला नक्सली के पैर में गोली लगने की बात सामने आई थी। मंगलवार को एसपी अभिषेक मीणा ने बताया कि बुधरी के पैर में गोली नहीं लगी है। भागने के दौरान उसका पैर मुड़ गया और वह गिरकर घायल हो गई, जिससे उसे कमर व पैर में मोच आई है। उन्होंने बताया कि बुधरी नुलकातोंग की रहने वाली है। साल भर पहले ही बतौर मिलिशिया सदस्य वह नक्सली संगठन से जुड़ी।
खुफिया सूचनाएं: फोर्स पर जवाबी हमले की तैयारी कर रहे हैं नक्सली
दंतेवाड़ा | सुरक्षा बलों द्वारा नक्सलियों के विरुद्ध की जा रही लगातार कार्रवाई व इसमें मिलने वाली सफलता से नक्सली बौखलाए हुए हैं। वे बारूदी विस्फोट से सुरक्षा बलों पर जवाबी हमला कर सकते हैं। पुलिस को भी इस तरह की खुफिया सूचनाएं मिल रहीं हैं। इस कारण पुलिस बलों ने एहतियातन सतर्कता बढ़ा दी है। नक्सली तिमेनार मुठभेड़ में 8 और सुकमा जिले के नुलकातोंड में 15 साथियों के मारे जाने के बाद फोर्स पर जवाबी हमले की तैयारी में हैं। 7 दिन बाद स्वतंत्रता दिवस है, इसलिए पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। बारूदी विस्फोट से फोर्स का नुकसान करने की खुफिया सूचनाएं भी मिली हैं। इन सूचनाओं के आधार पर जिले की फोर्स को अलर्ट कर दिया है।
एसपी मीणा का दावा : जवानों ने पहाड़ी की आड़ में बिताई रात, नक्सली भांप नहीं पाए
इधर सुकमा एसपी ने मंगलवार को स्थानीय पत्रकारों को मुठभेड़ के संबंध विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि शनिवार देर रात कोंटा से निकली डीआरजी व एसटीएफ जवानों की टुकड़ी तेलंगाना के सर्वेला से होते हुए बटेर के रास्ते रविवार देर शाम नुलकातोंग से तीन किमी पहले कांचीनगरकोंडा की पहाड़ी के करीब पहुंचे। यहां जवानों ने एलओपी (लाइन ऑफ पोजीशन) लेकर रात गुजारी। जवानों की टुकड़ी को इलाके के आसपास नक्सलियों की मौजूदगी का अंदेशा जरूर था पर इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं थी कि पहाड़ी के ही दूसरी तरफ नक्सली अस्थायी रूप से कैंप किए हुए हैं। एसपी ने बताया कि पकड़े गए नक्सली और मारे गए नक्सलियों का शव लेने मंगलवार को कोंटा पहुंचे ग्रामीणों के मुताबिक नक्सली रविवार शाम को वहां पहुंचे थे। यहां ग्रामीणों की एक छोटी बैठक नक्सलियों ने ली। उन्‍होंने बताया कि नक्सलियों के लिए भोजन बनाने जरूरी राशन की व्यवस्था ग्रामीणों द्वारा किए जाने की भी बात सामने आई है। एसपी ने बताया कि जवानों की टुकड़ी सोमवार सुबह 5 बजे कांचीनगरकोंडा पहाड़ी की ओर बढ़ी। नक्सलियों की मौजूदगी का एहसास होते ही जवानों ने पहाड़ी की घेराबंदी शुरू की। नक्सली सुबह का भोजन करने के बाद लगभग 6 बजे मौके से रवानगी की तैयारी में थे। इस दौरान नक्सलियों के लिए भोजन समेत अन्य व्यवस्था करने आए कुछ ग्रामीण भी वहां मौजूद थे। जवानों को अपनी ओर बढ़ता देख नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोलीबारी के दौरान ज्यादातर ग्रामीण मौके से भाग खड़े हुए। दो ग्रामीण हाथ उपर कर खड़े हो गए। निहत्थे ग्रामीणों पर जवानों ने गोली नहीं दागी आैर उन्हें हिरासत में लिया।
ग्रामीणों द्वारा नक्सलियों के लिए भोजन बनाने की बात भी सामने आ रही
अभिषेक मीणा
रेलवे को नुकसान पहुंचा चुके हैं
तिमेनार मुठभेड़ के तुरंत बाद नक्सलियों ने शहीदी सप्ताह के दौरान एनएमडीसी व रेलवे पर बौखलाहट निकालते हुए हुए नुकसान पहुंचाया था। कमालूर-भांसी के बीच पैसेंजर गिराने की कोशिश की। नेरली के नजदीक पेड़ गिराकर रेल मार्ग बाधित किया। इसके साथ ही एनएमडीसी के पंप हाऊस और वाहन को आग के हवाले कर चुके हैं।