दवा खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप के साथ बहिर्गमन

दवा खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप के साथ बहिर्गमन

मनरेगा की मजदूरी न मिलने का एक साथ कई नेताओं ने किया जिक्र, नारेबाजी, हंगामा

भास्कर न्यूज| रायपुर

विधानसभा के बजट सत्र में तीसरे दिन बुधवार को विपक्ष ने मनरेगा के बरसों से मजदूरों को मजदूरी न मिलने और दंतेवाड़ा में दवा-उपकरण खरीदी में भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर सदन में जोरदार हंगामा और नारेबाजी की। पंचायत व स्वास्थ्य मंत्री अजय चंद्राकर को दोनों मामलों में घेरा। उसने इन दोनों मुद्दों पर सदन से वॉक आउट किया। खास बात यह कि मनरेगा का मामला भाजपा सदस्य डॉ. सनम जांगड़े ने उठाया था। बस्तर में मक्का खरीदी न होने पर भी खूब शोर-शराबा हुआ।
प्रश्नकाल में डॉ. जांगड़े ने बिलाईगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 2015 से मनरेगा का भुगतान न होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 20 ग्राम पंचायतों में मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली। पंचायत मंत्री ने कहा कि उन्हें तीन पंचायतों की जानकारी है। अगर कहीं भुगतान नहीं हुआ तो वे कार्रवाई करेंगे। इस पर सत्यनारायण शर्मा ने भी कहा कि पांच साल से उनके क्षेत्र में मजदूरी नहीं मिली है। सरकार की जिम्मेदारी है, लेकिन अंधेरगर्दी मचा कर रखी है। इसके बाद अमरजीत भगत, मनोज मंडावी, अरुण वोरा, धनेंद्र साहू, कवासी लखमा समेत कई विधायक खड़े होकर हंगामा करने लगे कि पूरे प्रदेश में यही हाल है। भगत ने विधानसभा की समिति बनाकर जांच की मांग की। साहू ने मजदूरों को ब्याज समेत भुगतान करने की मांग की। बाद में नारेबाजी करते हुए वे सदन से वॉक आउट कर गए।
मंत्री अजय चंद्राकर को घेरा विपक्ष ने
विधायक संतराम नेताम ने कोंडागांव जिला अस्पताल में दवा और उपकरण खरीदी में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बिना निविदा और विज्ञापन जारी खरीदी की गई है। अधिकारी राज चल रहा है। यह नियमों का उल्लंघन है। क्रय समिति क्यों नहीं बनाई? निर्दलीय डॉ. विमल चोपड़ा ने भी नियमों का हवाला दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा निविदा बुलाकर खरीदी की गई है। विपक्ष इस पर नारेबाजी करने लगा और सदन से बहिर्गमन किया।
मक्का खरीदी पर पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने घेरा
विधायक लखेश्वर बघेल ने धान खरीदी में मालगांव में 12 लाख के गोलमाल का आरोप लगाया। उन्होंने बस्तर में मक्का खरीदी न करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि रसूखदारों की मक्का ही खरीदा जा रहा है। 14-15 किसानों का मक्का खरीदा गया है। जबकि 15 हजार किसान मक्का लगाते हैं। उन्हें कहा जा रहा है कि धान खरीदी पूरी होने के बाद आएं। भाजपा के संतोष बाफना ने भी कहा कि मक्का खरीदी के लिए पंजीयन की व्यवस्था हो। संतराम ने इस मुद्दे पर खाद्यमंत्री पुन्नूलाल मोहिले पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।



मोहिले ने कहा कि मक्का खरीदी 31 मई तक होगी। भविष्य में पंजीयन का इंतजाम करेंगे। मोहले ने मालगांव मामले में शिकायत मिलने पर जांच कराने का भरोसा दिलाया।
हाथियों के आतंक का मुद्दा सदन में गूंजा
प्रदेश में हाथियों के आंतक का मुद्दा बुधवार को विधानसभा में भी गूंजा। वनमंत्री महेश गागड़ा ने कहा कि सरकार इस मामले में पूरे प्रयास कर रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस समस्या के निराकरण के लिए दूसरे राज्यों से हाथियों व विशेषज्ञों को लाने में विलंब हुआ क्योंकि जिन लोगों की जीविका हाथी से चलती है वे प्रशिक्षित हाथी आसानी से देने को तैयार नहीं थे। सदन में ध्यानाकर्षण के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव ने इस मामले की ओर वनमंत्री का ध्यान खींचा। विधायक अमरजीत भगत, डॉ. प्रीतम राम, ने भी सरगुजा जिले व बिलासपुर संभाग में हाथियों का आतंक व्याप्त होने की जानकारी दी। सिंहदेव ने कहा कि उत्पाती हाथियों का दायरा बढ़ रहा है। सात-आठ साल से कारीडोर बनाने की बात सुन रहे हैं, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। आतंकी हाथियों को खदेड़ने की अमले की कोशिशें भी नाकाम होती हैं। जनजागरूकता चलाने की बात सरकार कहती है ये कैसी जन-जागरूकता होगी जिससे हाथी नहीं आएंगे या आएंगे तो नुकसान नहीं करेंगे। सिंहदेव ने हाथियों के अमले से कुछ दिनों पहले तीन लोगों की मौत और कल एक और महिला को कुचलने की ताजा घटना का जिक्र भी किया। विपक्ष ने सरकार से हाथियों के हमले का मुआवजा बढ़ाने की भी मांग की।
सड़क मांग-मांग कर थक गया: साहू
भाजपा के कवर्धा विधायक अशोक साहू ने भी प्रश्नकाल में अपनी व्यथा सुनाई कि वे विधानसभा क्षेत्र के लिए सड़कों की मांग करते-करते थक गए हैं। 553 गांव हैं, लेकिन तीन साल में केवल पांच सड़कें ही मिली हैं। 50 सड़कें दे दें। न हो तो 25 ही दे दें। पंचायत मंत्री चंद्राकर ने कहा कि केंद्र से फेस टू की मंजूरी मिली है। इसमें कवर्धा की सड़कें भी बनेंगी। डॉ. खिलावन साहू ने कहा कि सक्ती विधानसभा क्षेत्र में बनी सड़कें 4-6 महीने में ही टूटने लगी हैं। उन्होंने कहा कि शिकायत पर कार्रवाई नहीं होती। जांच अधूरी है। दोषियों पर कार्रवाई हो। पंचायत मंत्री ने कहा कि 20 शिकायतें मिली थीं। बजट में सड़कों के संधारण का इंतजाम होगा। जरूरत होगी तो फिर से जांच करवा लेंगे। राजेंद्र राय ने बालोद जिले में मंजूर उप स्वास्थ्य केंद्रों का काम शुरू करने, अरूण वोरा ने दुर्ग जिले में मनरेगा के लिए आबंटित राशि, दीपक बैज ने प्रदेश में किसानों के पंजीयन व समर्थन मूल्य पर धान खरीदी, राजमहंत सांवलाराम डाहरे ने अहिवारा विधानसभा क्षेत्र में भवनविहीन अस्पतालों के भवन बनाने, मोहन मरकाम ने धान खरीदी के लिए पंजीकृत भूमि के रकबे आदि के बारे में मंत्रियों से सवाल किए।