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    12वीं बोर्ड परीक्षा में कम पड़े प्रश्न-पत्र, हर 2 छात्रों के बीच एक पर्चा  इंडियन प्रीमियर लीग के दसवें सीजन के लिए आठ टीमें सोमवार को करीब 144 करोड़ रु खर्च कर खिलाड़ी खरीदेंगी। हम आपको कोलकाता और पुणे टीमों के पिछले साल के प्रदर्शन का विश्लेषण कर बता रहे हैं कि इन टीमों की क्या कमजोरी है और ये जरूरत के लिए किन खिलाड़ियों को अपने उपलब्ध बजट में खरीद सकती हैं। ये इनकी कमी पूरी कर सकते हैं।   एक्सपर्ट-अयाज मेमन, सबा करीम (पूर्व क्रिकेटर)  भंवर जांगिड़ | मुंबई/ जोधपुर   जोधपुरमें ब्यूटी पार्लर की छोटी-सी दुकान पर इनकम टैक्स की डीजी इन्वेस्टिगेशन टीम के छापे ने पूरे देश को चौंका दिया। यह दुकानदार भी कोलकाता से चल रहे पैनी स्टॉक्स बोगस शेयर ट्रेडिंग के सिंडीकेट की कड़ियों में से एक था। जिसके पैन नंबर पर एक कागजी कंपनी के शेयर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में लिस्टेड तो थे, लेकिन इस कंपनी का कारोबार कुछ नहीं था। भास्कर ने इस मामले की पूरी पड़ताल की तथा सेबी और डीजी इंटेलिजेंस की गोपनीय रिपोर्ट देखी तो पता चला कि इस सिंडीकेट के 25 मास्टर माइंड हैं। इन्होंने देशभर में 38000 करोड़ रुपए का काला धन सफेद किया है। अकेले राजस्थान में ही यह आंकड़ा 3 हजार करोड़ रुपए है। सिंडीकेट में अनिल खेमका, जगदीश पुरोहित, सज्जन केडिया, सावन जाजू प्रवीण अग्रवाल आदि के नाम हैं। डीजी इंटेलिजेंस ने सभी के बयान लेकर प्रॉसीक्यूशन शुरू किया है। 160 पेज की रिपोर्ट भी सभी प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर को भेजी गई है।   इस गोरखधंधे में चार बड़े शेयर ब्रोकर्स के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया है। क्योंकि शेयर की खरीद-फरोख्त के लिए यह जरूरी था। इनमें एक जोधपुर के मूल निवासी आनंद राठी की कंपनी राठी सिक्यूरिटीज भी शामिल हैं। सेबी और डीजी इंटेलिजेंस ने 2013-14 और 14-15 में जबरदस्त उतार चढ़ाव वाली 84 कंपनियों के शेयर तथा 22 शेयर ब्रोकर्स की छानबीन की थी। देशभर के 64811 लाभान्वितों की पहचान की गई है जिन्होंने बोगस कंपनियों के शेयर खरीदे-बेचे थे। इस सिंडीकेट की कंपनियों से शेयर ट्रेडिंग करने वाले राजस्थान के 795 लाेगों को नोटिस दिए गए हैं। शेष| पेज 8 पर   इनमेंसे करीब 400 जोधपुर कमिश्नरेट के भी शामिल हैं। जोधपुर के इनकम टैक्स कमिश्नर एसके सिंह ने कहा कि गोपनीयता के कारण नोटिस की संख्या नाम बताना ठीक नहीं है। यदि किसी ने 10 हजार की भी ट्रेडिंग की है और उसके एडिशन से टैक्स बनता है तो वह वसूल करेंगे। कुछ लोगों ने आईडीएस का बेनिफिट लिया है और कुछ ने नहीं। जो लोग लड़ाई लड़ना चाहते हैं, विभाग भी उनसे टैक्स वसूली की लड़ाई जारी रखेगा।   आईडीसीमें टैक्स देने वाले बचेंगे   30सितंबर तक चली इनकम डिक्लेरेशन स्कीम में ज्यादातर ऐसे लोग शामिल हुए हैं। डीजी इंवेस्टीगेशन की डीवीडी से ऐसे लोगों को भी नोटिस तो दिया जाएगा, मगर जब वे आईडीसी सर्टिफिकेट पेश करेंगे तो उनका केस ड्राॅप हो जाएगा। दूसरे लोगों से टैक्स, ब्याज, पेनल्टी की वसूली होगी और प्रोसिक्युशन भी झेलना पड़ेगा।  ट्रेन लेट होने पर एक घंटे पहले एसएमएस से मिलेगी सूचना  कैंसर रिसर्च के लिए अब गायों का गर्भपात करने की जरूरत नहीं  70 का बेटा 95 की मां को लोरी सुनाता है, वृद्धाश्रम में भी साथ है  डर है कहीं बेटी की रीढ़ दिल तक पहुंच जाए  कल नो निगेटिव न्यूज के साथ करें   नए सप्ताह की पॉजिटिव शुरुआत