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देश इसे कभी माफ नहीं कर सकेगा  पहली बार रात 3 बजे खुली सुप्रीम कोर्ट, याकूब को सुबह 7 बजे फांसी  दो भारतीयों को प्रतिष्ठित रैमन मैग्सेसे अवॉर्ड  सांचोर में दूसरे दिन भी बाढ़, कई गांव जलमग्न  पड़ोसी ने दंपती और 4 बच्चों को तलवार से काट कर मार डाला  डॉ. कलाम आज किए जाएंगे सुपुर्द-ए-खाक  नाबालिग को भगाने वाला युवक फिर लड़की के घर पहुंचा, परिजनों ने पीट-पीटकर मार डाला  स्मृति कामवाली बाई, होटल में सफाई करती थी : कामत  मुर्गे पर शांतिभंग मारपीट का केस  आरोपी ने रावतसर की गौशाला में गायों पर फेंका था एसिड   भास्करसंवाददाता | जोधपुर   राजस्थानहाईकोर्ट के न्यायाधीश गोपालकृष्ण व्यास ने गायों पर एसिड फेंकने के मामले में आरोपी को एक अनूठी सजा देते हुए बुधवार को उसकी जमानत याचिका मंजूर कर ली। न्यायाधीश ने आरोपी को जेल से छूटते ही अगले तीन महीने तक रोजाना तीन घंटे तक गौशाला जाकर उन्हीं जख्मी गायों की सेवा करने के आदेश दिए, जिन्हें उसने एसिड डालकर घायल कर दिया था। कोर्ट ने इसकी मॉनिटरिंग की भी पूरी व्यवस्था की है। वह गौशाला में जाकर सेवा कर रहा है या नहीं, इसके लिए बाकायदा गौशाला में एक हाजिरी रजिस्टर मेंटेन किया जाएगा और इसकी पालना की जिम्मेदारी संबंधित थानाधिकारी की होगी। दरअसल याचिकाकर्ता कालूराम ने हनुमानगढ़ जिले के रावतसर में गायों पर एसिड फेंक दिया था। इस घटना में गायें जबर्दस्त रूप से झुलस गईं। इनमें 17-18 गायों का स्थानीय गौशाला में इलाज चल रहा है।   आरोपी को राजस्थान बोविन एनिमल एक्ट की धारा 10 के तहत गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में अधीनस्थ अदालत ने उसे जेल भेज दिया। गत 22 अप्रैल को आरोपी की ओर से जमानत याचिका पेश की गई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। बुधवार को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी गत 16 मार्च से जेल में है। अब उससे किसी तरह की रिकवरी नहीं करनी है और ही इस मामले में किसी तरह की जांच बाकी है। इस मामले में चालान भी पेश किया जा चुका है। बहस में राजकीय अधिवक्ता अशोक उपाध्याय ने जमानत का पुरजोर विरोध किया। उपाध्याय ने कहा कि आरोपी ने बहुत गंभीर अपराध किया है। इसलिए आरोपी जमानत पर छोड़े जाने के योग्य नहीं है। न्यायाधीश व्यास ने सुनवाई के बाद कहा कि जमानत याचिका मंजूर करने योग्य है। शेष| पेज 10   साथही आदेश दिया कि आरोपी जेल से छूटते ही अगले तीन महीने तक प्रतिदिन तीन घंटे तक गौशाला में गायों की देखभाल करेगा। रावतसर थानाधिकारी गौशाला संचालक को इसकी जानकारी देते हुए एक हाजिरी रजिस्टर मेंटेन करने के लिए कहेंगे। इसके अलावा थानाधिकारी को तीन महीने बाद कोर्ट को पालना रिपोर्ट पेश करने के लिए पाबंद किया गया है।  नए टीचर आने तक नहीं खाएंगे रात का खाना  सुविचार   सफलहोने के लिए, आपकी सफलता की इच्छा आपके असफलता के डर से बड़ी होनी चाहिए।   बिलकोज़्बी
 
 
 
 
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