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न्यूज इनबॉक्स  शिशु मंदिर पीहरा में शिशु सह कन्या भारती का गठन  भास्कर न्यूज|खरगडीहा   रमजानशरीफ के महीने में हर मुसलमान को जकात निकालना अति आवश्यक है। ये बातें मुफ्ती अब्दुल कुद्दूस ने पत्रकारों से कही। उन्होंने यह भी कहा कि रमजान के अरसे में सब मुसलमान साल भर की कमाई का जकात निकालते हैं। कुरआन मजीद में अल्लाह ने फरमाया कि जकात तुम्हारी कमाई में गरीबों और मिस्कीन का हक है। अल्लाह के लिए माल का एक हिस्सा शरियत ने तय किया। उसका मुसलमान फकीर, जरूरतमंद को मालिक बना देना शरीयत में जकात कहलाता है। जकात निकालने के बाद सबसे बड़ा जो मसला आता है वो है कि जकात किसको दी जाए। जकात देते वक्त इस चीज़ का ख्याल रखें कि जकात उसको ही मिलनी चाहिए जिसको उसकी सबसे ज्यादा जरूरत हो। वो शख्स जिसकी आमदनी कम हो और उसका खर्चा ज्यादा हो। अल्लाह ने इसके लिए कुछ पैमाने और ओहदे तय किये हैं। जिसके हिसाब से अपनी जकात देनी चाहिए। इसके अलावा और जगहें भी बतायी गयी है, जहां जकात के पैसे का इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे पहले जकात का हकदार है फकीर। फकीर कौन हैω फकीर वो शख्स है, जिसकी आमदनी 10 हजार रुपये सालाना है और उसका खर्च 21 हजार रुपये सालाना है। वो शख्स जिसकी आमदनी कुल खर्च से आधी से भी कम हो तो उस शख्स काे मदद कर सकते हैं।   हरइंसान बराबर   मिस्कीनकारू मिस्कीन कौन हैω मिस्कीन वो शख्स है जो फकीर से थोड़ा अमीर है। ये वो शख्स है जिसकी आमदनी 10 हजार रुपये सालाना है और उसका खर्च 15 हजार रुपए सालाना है। यानि वो शख्स जिसकी आमदनी अपने कुल खर्च से आधी से ज़्यादा है। तो इस शख्स को मदद किया जा सकता हैं। अल्लाह की नजर में हर इंसान का दर्जा बराबर है। इसलिए मुसलमानों को हुक्म दिया गया कि अपनी जकात का इस्तेमाल ऐसे गुलामों छुड़ाने में करो। उनको खरीदो और उनको आज़ाद कर अगर कोई मुसलमान पर किसी ऐसे इंसान का कर्ज है, जो जिस्मानी और दिमागी तौर पर काफी परेशान करता है तो उस मुसलमान की जकात के पैसे से मदद कर सकते है। जकात देते समय यह ध्यान रखें कि वह आदमी कितना उसका हकदार है। ऐसा नहीं हो कि जरूरत मंद आदमी उससे महरूम रह जाए और गलत आदमी को जकात दे दिया जाए।  पंचायत चुनाव को ले डीसी ने की बैठक  पांडेय दंपत्ति की जमानत अर्जी खारिज  तिसरी में 8 22 को लगेगा कैम्प कोर्ट : सीओ  केंद्र में बच्चों काे खिलाया अंडा  आरटीई मामले में अभिभावक गंभीर  सिंह बने तीरंदाजी संघ के सचिव  बीएड के छात्रों ने लिया शिक्षा और महिला हितों का जायजा  लोगों ने बीडीओ को सौंपा पत्र  जनता दरबार से मोह भंग हो रहा लोगों का  अंधेरे में बगोदर का हरिजन टोला  ग्रामीण क्षेत्रों को 10 घंटे भी नहीं मिलती है बिजली
 
 
 
 
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