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    सर्वे के नतीजे   मोबाइल पर   7030001040   पर मिस कॉल दें। आपको एक लिंक भेजा जाएगा, क्लिक करते ही आपके मोबाइल पर होगा पावर जैकेट।     वेबसाइट पर      विजिट करें और देखें दैनिक भास्कर के सबसे बड़े सर्वे के नतीजों का जेंडर, उम्र, शहर और राज्यवार डायनामिक डाटा।     टीवी पर     चैनल पर शाम 06:00 बजे से देश के सबसे बड़े सर्वे के नतीजे और विश्लेषण।  भोपाल, शुक्रवार, 26 मई , 2017  पावर जैकेट के चार पेज  2) मोदी सरकार को 10 में से कितने अंक देंगे?   मोदी के तीन सालों के कामकाज का स्कोर  भास्कर न्यूज नेटवर्क   स र्वे में चौंकाने वाले कई तथ्य सामने आए हैं। मोदी युवाओं के पसंदीदा नेता माने जाते हैं, नए तथ्यों ने इस धारणा को बदलकर रख दिया है। मोदी जितने युवाओं उतने ही महिलाओं और बुजुर्गों में भी लोकप्रिय हैं।   मोदी सरकार को अंक देने के नजरिए से देखा जाए तो सर्वे में शामिल 79% महिलाओं ने मोदी को छह या इससे ज्यादा अंक दिए हैं। ऐसी ही स्थिति बुजुर्गों की है। करीब 77% बुजुर्ग मोदी के फैसलों और कामकाज़ के साथ दिखे। यह स्थिति मोदी के पक्ष में इसलिए भी जाती दिख रही है क्योंकि जिन दस राज्यों में अगले दो साल में चुनाव होने हैं, वहां भी 79% लोगों ने मोदी को दस में से छह या इससे ज्यादा अंक दिए हैं। शहरों से ज्यादा गांवों में लोग नोटबंदी के पक्ष में खड़े दिखे। आंकड़े इसलिए भी चौंकाते हैं, क्योंकि जिन लोगों ने सरकार को महंगाई, भ्रष्टाचार और महिला सुरक्षा के मुद्दों पर फेल किया, उन्हीं ने ओवरऑल कामकाज़ के स्तर पर अच्छे अंकों से पास कर दिया। हालांकि, दक्षिण ने फुल मार्क्स नहीं दिए। जहां बाकी राज्यों में सर्जिकल स्ट्राइक सबसे बड़ा कदम बनकर उभरा, वहीं दक्षिण ने आधार को सबसे जरूरी समझा। इसी तरह ट्रेनों में फ्लेक्सी किराया यहां दूसरा सबसे अच्छा कदम माना गया।   भास्कर सर्वे में इस साल एक सवाल हर मुद्दे पर खुलकर बोलने वाले मोदी की शैली को लेकर भी था। राम मंदिर, बूचड़खाने के विवादों से जुड़े उत्तरप्रदेश के ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि मोदी विवाद खड़े करने वाले मुद्दों पर अक्सर चुप्पी साध जाते हैं। जिन दस राज्यों में चुनाव होने हैं, वहां 58% वोटर्स मोदी के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। यह उन लोगों का आंकड़ा है जो मानते हैं कि मोदी अगर आज चुनाव हों तो 2014 से भी ज्यादा सीटें लेकर जीतेंगे।   सर्वे में खास बात जो निकलकर आई, वह यह रही, कि लोगों ने उन्हीं कामों को सबसे ज्यादा सराहा जो नए थे, लीक और परंपरागत सुधारों से हटकर। यह सर्वे सिर्फ सरकार का नहीं था, विपक्ष की ताकत को आंकने का भी था। सर्वे में करीब अधिकतर लोगों ने कहा- विपक्ष कमज़ोर दिख रहा है, यही वजह है कि वह सरकार की खामियां उजागर नहीं कर पा रहा है। उसके लिए चिंताएं इसलिए भी हैं क्योंकि जहां चुनाव होने हैं वहां 83% लोग ऐसा सोचते हैं।   कैसे हुआ सर्वे <img src=images/p1.png>पढ़ें पावर जैकेट पेज 2 पर