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महिला ने दलित पीड़ितों को विश्वास में लेकर फर्जी नाम से हासिल किया था पास   दिव्य भास्कर नेटवर्क|राजकोट गुजरात में ऊना कांड पीड़ितों से गुरुवार को राहुल गांधी की मुलाकात खूब चर्चा में रही। राहुल राजकोट में मरीजों और उनके परिजनों से मिले। एक महिला से गले भी मिले। यह फोटो चर्चा का केन्द्र बना। लेकिन अगले दिन शुक्रवार को ‘दिव्य भास्कर की पड़ताल में खुलासा हुआ है, कि राहुल गांधी अस्पताल के ए-वॉर्ड में जिस महिला से मिले थे, उसका दलित पीड़ितों में से किसी की संबंधी नहीं है। इस महिला की पहचान राजकोट निवासी रमा मूछडिया के रूप में हुई है। इसने राहुल के अस्पताल आने से एक दिन पहले ही रमा सरवैया के नाम से ‘पास हासिल कर लिया था। वशराम बाबूभाई सरवैया (बाबूभाई जिनसे मोटा समढियाला में वीवीआईपी मिल रहे हैं) के पलंग के पास जम गई। जब राहुल वशराम से मिले तब इसने खुद की पहचान वशराम की माता के रूप में दी। वशराम के मौसी के लड़के वालजी ने बताया कि- रमा ने 20 जुलाई-सभी मरीजों से कहा कि- वह सभी को न्याय दिलवाएगी। इस तरह उसने सभी का विश्वास हासिल किया। 21 जुलाई को सुबह से ही वह वॉर्ड में आ जमी। राहुल जब पहुंचे तो वशराम के पलंग के पास खड़ी हो गई।     खुद को मरीज की माता के रूप में पेश किया। राहुल से बातचीत में यह भी कहा था कि- अब हम उस गांव में नहीं रहेंगे। इससे भावुक हुए राहुल ने उसे गले लगा कर आश्वासन दिया था। संबंधियों की नहीं हुई कोई पड़ताल जैड प्लस सुरक्षा कवच प्राप्त वीवीआईपी के दौरे-मुलाकात के समय निर्धारत स्थल पर कौन-कौन मौजूद रहेगा? इसकी सूची पहले से ही पुलिस की विशेष शाखा को दे देनी होती है। इस सूची के आधार पर पुलिस ‘पास जारी करती है। प्रस्तुत केस में मरीजों के साथ रहने वाले लोगों के बारे में कोई जांच -पड़ताल ही नहीं हुई। रमा के बदले कोई असामाजिक तत्व-आतंकी भी मौजूद रह सकता था? इस घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है। मरीजों को झटका, आश्चर्यचकित भी पीड़ित वशराम सरवैया ने बताया कि- शुक्रवार को अखबार में रमा मूछडिया की राहुल के साथ फोटो देख कर हमें आश्चर्य हुआ। झटका भी लगा। वॉर्ड में इलाज करवा रहे, एक भी मरीज के साथ उसके पारिवारिक संबंध नहीं है। मेरी मां के नाम पर उसने यह झूठ चलाया, हम शर्मसार महसूस कर रहे हैं। क्या कहती है रमा: पीड़ित मेरे समाज के, मैं 65 साल की तो मां ही हुई न? रमा ने कहा कि- मैं भी दलित समाज की हूं। पीड़ित युवक भी दलित समाज के हैं। मेरी उम्र 65 साल है। इस हिसाब से मैं उसकी मां ही कहलाऊंगी न?  84 साल में पहली बार भारतीय कप्तान का विदेश में दोहरा शतक   सेंसेक्स + 92.72 27,803.24   यूरो - 0.07 73.91   डॉलर - 0.09 67.08   सोना - 25.00 30,375   चांदी 00.00 45,500  वायुसेना का एएन-32 विमान 29 वायुसेना कर्मियों के साथ लापता   बेटे ने खाने में 350 रु. का पापड़ मंगवाया तो 6 हजार करोड़ की कंपनी के मालिक पिता ने मजदूरी करने भेज दिया   बैंक ऑफ बड़ौदा एक घंटे में होम लोन देगा  सचिन के नाम पर सागा गेम
 
 
 
 
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