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क्या कहते हैं एक्सपर्ट   एकदौर था जब बच्चे सिर्फ ब्रांडेड जीन्स, टीशर्ट और शर्ट ही पहनना पसंद करते थे। बच्चे भी आजकल फैशन को लेकर काफी चूजी हो गए हैं। 2 साल की उम्र से ही बच्चे आउटफिट्स और लुक्स को लेकर डिमांडिंग हो रहे हैं।   डिजाइनर राघवेंद्र राठौड़ का कहना है कि बच्चों के लिए आउटफिट डिजाइन करने से पहले काफी रिसर्च किया। इससे पता चला कि मुंबई और दिल्ली जैसे शहरों में पेरेंट्स बच्चों के लिए आउटफिट सलेक्ट करने से पहले फैब्रिक को फोकस करते हैं। जहां मुंबई में पेरेंट्स बच्चों के लिए कॉटन पसंद करते हैं, वहीं दिल्ली में सिल्क को तवज्जो देते हैं। कॉटन और सिल्क मटीरियल में वाइब्रेंट कलर के साथ ब्वॉयज के लिए कुर्ता और चूड़ीदार के साथ हाफ जैकेट तैयार किए।   डिजाइनर रितु केडिया ने बताया कि आज के बच्चे पैंट-शर्ट, फ्रॉक और रेगुलर आउटफिट से बोर हो चुके हैं। अब वो भी बड़ों की तरह स्टाइल स्टेटमेंट को फॉलो कर रहे हैं। बच्चों के लिए कम्फर्ट को ध्यान रखना जरूरी होता है। ऐसे में कॉलर या अपर साइड में पाइपिंग और लाइनिंग में मलमल फैब्रिक का इस्तेमाल किया जाता है।   डिजाइनर सुमित दास गुप्ता ने बताया कि गर्ल्स के लिए अनारकली, इंडोवेस्टर्न, लहंगे में टाई एंड डाई, शेडेड डाई के साथ मिरर वर्क, लेस वर्क, रेशम कढ़ाई, जरदोजी वर्क, लाइट स्टोन वर्क के साथ बच्चों को भी एलीगेंट लुक दिया जा सकता है। साथ ही पीटा वर्क, गोल्डन जरी भी इस तरह के आउटफिट को और भी खास बनाते हैं। बच्चों के लिए कम्फर्ट को ध्यान में रखते हुए फैब्रिक को खास फोकस किया जाता है।  जयपुर के चैतन्य दूसरे स्थान पर  सोलर पावर प्लांट डिजाइन एवं इंस्टॉलेशन में सही गाइड जरूरी  पेंटिंग एग्जीबिशन  कलाकेविभिन्न स्वरूप जो कला प्रेमियों के लिए संकेत, संदेश और अभिव्यक्ति का खूबसूरत माध्यम जहां देश-विदेश के कलाकारों के आर्टवर्क को एक जगह डिसप्ले किया गया है। इसमें 350 से भी ज्यादा कलाकृतियां, इलस्ट्रेशन, ग्राफिक, थ्रीडी आर्टवर्क, एक्रेलिक, पोस्टर, ऑयल ऑन कैनवस के रूप में कलाप्रेमियों के लिए खास आकर्षण का केंद्र हैं। यहां 115 आर्टिस्ट की क्रिएटिविटी को शो केस किया गया है।   कबऔर कहां... Saturday \& Sunday 11:00am-08:00pm, जुनेजा आर्ट गैलरी, एमआई रोड।  बांसुरी से छलकीं यमुना की लहरें  ग्लैमर   इसमहिला दिवस पर कोई महिला केंद्रित फिल्म नहीं
 
 
 
 
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