ई-पेपर
Change Your City
 

Go to Page << Previous1234567...1112Next >>

 
 
 
पहले गुड न्यूज  ईश्वर की जिद; जहां कभी माली और चौकीदार थे, वहीं बने प्रिंसिपल  जालंधर  हर साल 2100 पेड़ बचाएगा सुप्रीम कोर्ट  सिफारिश: 84 के दंगों पर एसआईटी   सियासत: चुनाव से पहले रिपोर्ट लीक  आईएस ने जापानी बंधक का सिर कलम किया  माइनस 15डिग्री सेल्सियस तापमान में रोज 4-5 किमी. पैदल चलकर स्कूल पहुंचना और फिर सही सलामत लौट आना, किसी जंग से कम नहीं। पर ये पहाड़ के बच्चे हैं। हौसला भी पहाड़ जैसा ही। रात को गिरी बर्फ में रास्ते खो चुके होते हैं। ये बर्फ पर ही नया रास्ता बनाते चले जाते हैं। ग्रुप बनाकर। समय पर स्कूल भी पहुंच जाते हैं और फिर उन्हीं रास्तों से वापस घर। यही इनकी रुटीन है। ये लाहौल-स्पीति के सबसे निचले क्षेत्र केलांग के आसपास के गांवों का हाल है, जहां अभी एक फीट बर्फ जमी है। ...तो सोचिए उन इलाकों में क्या हाल होगा, जहां तीन-चार फीट बर्फ है। बावजूद इसके जिले के 175 स्कूलों में से ज्यादातर में आजकल भी 100 फीसदी अटेंडेंस है। मार्च में एग्जाम होने हैं, इसलिए बच्चे स्कूल मिस नहीं कर रहे।   फोटो:अनिल सहगल   इनपुट: गौरीशंकर   स्तींगरी(लाहौल स्पीति)  रिटायर हुए तो भी मिलेगा प्रमोशन का फायदा  वाट्सएप पर फ्री कालिंग  और सस्ते होंगे बैंक लोन ब्याज दर में कमी संभव  10 हजार कैमरों से सेफ सिटी बनेगा लुधियाना  एमबीबीएस स्टूडेंट 1 साल बाद बदल सकते कॉलेज  लिएंडर पेस ने 41 की उम्र में जीता 15वां ग्रेंडस्लैम
 
 
 
 
MATRIMONY
 
विज्ञापन