मुख्य खबरे
- 2008 में कहा था-यूं तिल-तिल कर मरने से अच्छा है मौत दे दो, लेकिन ये सरकार फांसी भी नहीं दे
- इसके हर पहलू में राजनीति इसलिए ढेर सारे अर्थ
कड़े फैसले के 4 बड़े किरदार
चाहता था-आडवाणी प्रधानमंत्री बनें
- ञ्चकसाब की ही तरह अति गोपनीय तरीके से दी फांसी ञ्चअफजल की मौत का एक-एक पल वीडियो में
भास्कर न्यूजन नेटवर्कत्ननई दिल्ली
आखिरकार अफजल गुरु को फांसी पर लटका दिया गया। ठीक उसी तरह जैसे 80 दिन पहले कसाब - ने देश में सबसे पहले बताया था फांसी में देरी के कारणों को अफजल को सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2005 को फांसी की सजा सुनाई थी। 3 अक्टूबर 2006 को दया याचिका लगी। लेकिन कोर्ट के फैसले प
- मायने
हिंदू आतंकवाद पर घिरी सरकार आक्रामक होगी
ञ्चहिंदू आतंकवाद पर घिरे गृहमंत्री और सरकार 21 फरवरी से शुरू हो रहे बजट
