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मुख्य खबरे

 
कलयुगी बेटे ने मां को उतारा मौत के घाट  क्या है जाति सत्यापन की प्रक्रिया?     जाति सत्यापन के लिए निर्धारित प्रारुप में आवेदन जमा करने के बाद संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों की जांच कर उसे फाइल में समायोजन कर दिया जाता है। जाति सत्यापन के लिए गठित पांच सदस्यीय टीम द्वारा पुन: सभी दस्तावेजों को खंगाला जाता है और जांच के बाद जाति प्रूफ की मुहर लगा दी जाती है। जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों व फाइलों में किसी तरह की गड़बड़ी या त्रुटि मिलती है, उन्हें निरस्त करते हुए फिर से निर्धारित प्रारुप में कमियों को पूरा कर आवेदन जमा करने के निर्देश दिए जाते हैं।     जिले में 172 जातियों को मान्यता     शासन के निर्धारित प्रारुप व दस्तावेजों के आधार पर जिले में 172 जातियों को मान्यता मिली है और इसी के आधार पर सभी वर्गों का जाति सत्यापन किया जाता है। जिले में पिछड़ा वर्ग में 86, अनुसूचित जाति में 44 व अनुसूचित जनजाति में 42 जातियों को मान्यता है। इन सभी जातियों का सत्यापन किया जा रहा है। पिछड़ा वर्ग के सबसे अधिक जातियां शामिल की गई है। अफसरों के मुताबिक उपजाति (टाइटल) चाहे कुछ भी हो लेकिन सरकारी रिकार्ड में चिह्नांकित जातियों के आधार पर ही आवेदन व दस्तावेज की जांच के बाद जाति सत्यापित की जाती है।  जाति सत्यापन के लिए आवश्यक दस्तावेज     जाति सत्यापन में पिछड़ा वर्ग के अभ्यर्थियों को सबसे पहले 1984 से पहले के जाति संबंधी दस्तावेज मिसल के माध्यम से संलग्न करना होता है। उसके बाद निर्धारित प्रारुप में जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, शपथ पत्र व वंशावली के मूलप्रति संलग्न करनी होती है। इसी तरह अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को 6 सितंबर 1950 व उसके पहले के किसी दस्तावेज में अपनी जाति का कोई प्रूफ जमा करना होता है, जो मिसल बंदोबस्ती के जरिए उपलब्ध होती है। उसके बाद उन्हें आमदनी प्रमाण पत्र छोड़कर जाति प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, वंशावली आवेदन के साथ जमा करना होता है। अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को भी 10 अगस्त 1950 या उसके पहले अंकित जाति संबंधी दस्तावेज की छायाप्रति संलग्न करनी होती है। जाति, मिसल, वंशावली आवेदन के साथ आवेदन जमा करना होता है।  समस्या बरकरारत्न 172 जातियों को मान्यता के बावजूद कहीं मिसल का रोड़ा तो कहीं वंशावली में त्रुटि, प्रक्रियाओं में पेचीदगी से बढ़ रही हताशा  असफलता में छिपी है सफलता : यादव  फार्म नहीं भरा तो किसानों को जमा करना पड़ेगा टैक्स  अब दे रहे लोक सेवा गारंटी की जानकारी  ‘हर जिले की होती है अपनी तासिर