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मुख्य खबरे

 
सडक हादसे में डाक्टर की मौत, चार घायल  छतरी का सहारा...  पांचों फरार बंदी हैं कुख्यात, लूट, डकैती व हत्या जैसे आरोप हैं उनपर     सोमवार को जेल ब्रेक कर फरार हुए पांचों बंदियों के खिलाफ लूट-डकैती जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। इन्हीं मामलों में ये विचाराधीन बंदी के रुप में जेल में निरुद्ध थे। इनमें रंजीत जैना पिता गजनाथ जैना निवासी गोबरा उड़ीसा हालमुकाम गिरांग के विरुद्ध जशपुर थाने में अपराध क्र-99/11 धारा 395, 397, 398, 406 व 25,27 आम्र्स एक्ट अपराध क्र-64/11 धारा 364, 365, 392, 506 बी, 341 व 25, 27 आम्र्स एक्ट का मामला दर्ज है। गुमला थाने में अपराध क्र-64/11 धारा 364, 366, 397, 506 बी, 34 व 25,25 आम्र्स एक्ट, राजरप्पा थाने में अपराध क्र-69/11 धारा 412, 35, 25 1-बी 261 का मामला दर्ज है। तुलेश्वर यादव पिता सुधु यादव निवासी तटकेला बगीचा के विरुद्ध बगीचा थाने में अपराध क्र-114/11 धारा 458, 307, 285 का मामला दर्ज है। आस्कर तिर्की पिता लिबनुस तिर्की निवासी भलमंडा कुरडेग सिमडेगा के खिलाफ दुलदुला थाने में अपराध क्र-03/12 के तहत 302,201,120 बी व 4, 5 छत्तीसगढ़ टोनही प्रताडऩा अधिनियम का मामला दर्ज है। निर्मल उर्फ ठेपई लोहार निवासी गिरला लोदाम के खिलाफ अपराध क्र-69/07 धारा 395, 458, 392, 398, अपराध क्र-281/07 के तहत 395,458 व 25,27 आम्र्स एक्ट, अपराध क्र-344/07 धारा 448, 294, 506, अपराध क्र-111/07 धारा 395, 342, 394, 398, 458, अपराध क्र-18/12 धारा 25, 27 आम्र्स एक्ट, अपराध क्र-438/06 धारा 302 व अपराध क्र-335/07 धारा 458, 392, 397, 398, 201, 34 का मामला दर्ज है। नरेश उर्फ छोटू यादव पिता नरोत्तम यादव निवासी तुरवा आम्बा पत्थलगांव के खिलाफ अपराध क्र-04/10 के तहत 394, अपराध क्र-46/10 धारा 394, अपराध क्र-96/09 धारा 392, 34, 412, 41, अपराध क्र-209/09 धारा 249, 507, अपराध क्र-322/09 धारा 392, 34, 397, 398 व कुनकुरी थाने में अपराध क्र-08/12 धारा 394, 395, 412 व अपराध क्र-70/09 के तहत 224, 225 क, 221, 223, 212, 216 के मामले में जिला जेल में निरुद्ध था।  पुलिस की मेहनत पर पानी फिरा     जिले की पुलिस कुख्यात अपराधियों को दबोचने के लिए व जिले में अमन चैन के लिए लगातार प्रयास कर रही है। दो माह पहले ही ५ साल से फरार कुख्यात इनामी रंजीत जैना को दिल्ली से पकड़ कर लाई थी। इसी तरह इनमें दो अन्य निर्मल उर्फ ठेपई व नरेश यादव को गिरफ्तार कर जेल की राह दिखाई थी। लेकिन जेल जाने के बाद या तो बंदी जेल से फरार हो रहे हैं या फिर पेशी के दौरान फरार हो रहे हैं। इससे पुलिस की कवायद निरर्थक साबित हो रही है।  जेल ब्रेक से खुली जेल प्रशासन की पोल     सोमवार को हुए जेल ब्रेक ने फिर जेल प्रशासन की पोल खोल दी है। इससे यह साफ हो गया है कि जेल प्रशासन ने सुरक्षा के कितने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिस तरह बंदियों ने जेल ब्रेक की घटना को अंजाम दिया, उससे साफ है कि बंदियों ने इसकी तैयारी पहले से कर रखी थी। तैयारी पूरी होते ही वे रविवार की रात 2 से 3 बजे के बीच फरार हो गए। जिस तरह सलाखें काटी गई हैं वह एक दिन का काम नहीं हो सकता। सलाख काटने में कम से कम 15 दिन का समय लगा होगा। जबकि जेल प्रशासन यह दावा करता है कि उसने जेल में सुरक्षा के पर्याप्त उपाय किए हैं। दिन-रात जेल में प्रहरियों द्वारा लगातार पेट्रोलिंग की जाती है। यह पूरा घटनाक्रम किसी फिल्मी स्टोरी से कम नहीं रहा। जिसने भी इस घटना के बारे में सुना, उसने ‘शोले फिल्म को ही याद किया।  जेल ब्रेकत्नअधिकारियों ने घटनास्थल का मौका मुयायना किया। साथ ही आसपास के थानों व जिले की पुलिस को सतर्क किया  बारिश ने खोल दी मेंटनेंस की पोल  सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गिरा पेड़  बारिश ने मचाई तबाही  कार्यपालन अभियंता सहित दो की मौत  फरार होने के ३ घंटे बाद बजा सायरन  ष्ट रू ङ्घ ्य