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माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, नोकिया समेत दुनिया भर की प्रमुख कंपनियां खुद ट्रेनिंग देकर टैलेंटेड एप डेवलपर्स तैयार करने में जुटी हैं। अपने काम की प्रतिभाओं को विकसित करने के लिए कंपनियां बड़ा निवेश भी कर रही हैं। वजह यही है कि एप इंडस्ट्री अब ग्रोथ के दौर में है। जहां एप्स ने केवल बिजनेस के पारंपरिक तरीकों को बदला है, बल्कि जॉब का एक नया सेक्टर भी खड़ा कर दिया है। भारत में यह इंडस्ट्री टीनएजर्स से लेकर टेक प्रोफेशनल्स को शानदार मौके दे रही है। आईएएमएआई और आईसी आरआईईआर की ताजा िरपोर्ट भी इस बात की पुष्टि करती है िजसके मुतािबक 2016 तक इस इंडस्ट्री में डायरेक्ट एम्प्लॉयमेंट का आंकड़ा 1,51,230 से 1,59,010 के बीच होगा। इतना ही नहीं अगले साल तक यह इंडस्ट्री 6 लाख से ज्यादा जॉब्स पैदा कर सकती है। वर्तमान में एप सेक्टर 75, 000 नौकरियां दे रहा है।   क्याहै वजह   मोबाइलएप्लीकेशन बिक्री का बाजार अब विस्तृत रूप ले चुका है। अब ज्यादातर कंपनियां अपने कारोबार को विस्तार देने के लिए टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म्स में निवेश कर रही हैं। दूसरी ओर आईएएमएआई केपीएमजी की रिपोर्ट के मुताबिक 2016-17 तक भारत में क्रमश: 23 करोड़ 60 लाख 31 करोड़ 40 लाख मोबाइल इंटरनेट यूजर होंगे। इसके साथ ही डाउनलोड िकए जाने वाले मोबाइल एप्स की संख्या में भी तेजी से बढ़ोतरी होगी। मोबाइल इंटरनेट का यह बढ़ता बाजार एप्लीकेशन डेवलपर्स का स्वागत कर रहा है।   डायरेक्टइनडायरेक्ट जॉब्स   नईनौकरियों के तहत साॅफ्टवेयर इंजीनियर्स, यूजर इंटरफेस डेवलपर्स, डिजाइनर्स और अन्य आईटी प्रोफेशनल्स जो एप डेवलपमेंट में डायरेक्ट शामिल हैं डायरेक्ट जॉब्स के लिए क्वालिफाय होंगे। इनडायरेक्ट एम्प्लॉयमेंट, नाॅन आईटी जॉब्स जैसे सेल्स एंड मार्केटिंग, कस्टमर रिलेशनशिप मैनेजमेंट, फाइनेंस अकाउंट्स से जुड़ा है।  अब मोबाइल App पर ‘लक्ष्य  स्टार्ट अप लर्निंग  ÂðÁ  ÂðÁ
 
 
 
 
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