Change Your City
 
11 मार्च 2001 को ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन चैंपियनशिप जीत कर भारत के स्टार शटलर पुलेला गोपीचंद ने भारतीय खेल जगत में एक नया इतिहास लिखा था। अक्सर भारतीय फिल्मों में हीरो के साथ होता है परंतु गोपीचंद ने इसे असल जिंदगी में कर दिखाया।  पेज  नौकरियां  करियर कोच  यंग एंटरप्रेन्योर > कॉर्पोरेटट्रेनिंग से करोड़ों का िबजनेस  जीनियरिंग स्टूडेंट प्रभात खरे को पढ़ाई पूरी करने के बाद पहली नौकरी एक आईटी कंपनी का मैनेजमेेंट संभालने की जिम्मेदारी के रूप में मिली। प्रभात की रुचि मैनेजमेंट से ज्यादा सॉफ्टवेयर विकसित करने में थी, लेकिन नौकरी का मोटा पैकेज उन्हें अपना पसंंदीदा काम करने से रोक रहा था। अाखिरकार प्रभात ने तय किया कि कुछ सालों तक यह काम करके, खुद को मजबूत स्थिति में लाकर फिर वे अपने पसंदीदा काम से जुड़ेंगे। वित्तीय सुरक्षा को दिमाग में रखते हुए प्रभात ने इस नौकरी का विकल्प चुना, करियर उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मेंं ही बनाना था। इस नौकरी के साथ-साथ प्रभात ने फ्रीलांसर के रूप में सॉफ्टवेयर प्रोजेक्ट लेने शुरू किए। वे तजुर्बे के लिए यह तैयारी कर रहे थे। 4-5 साल में प्रभात ने केवल वित्तीय रूप से खुद को मजबूत किया, बल्कि एक प्रतिष्ठित सॉफ्टवेयर कंपनी में उच्च पद भी हासिल किया। दरअसल प्रभात ने अपनी करियर प्लानिंग व्यवस्थित ढंग से की थी। उन्होंने शॉर्ट टर्म लॉन्ग टर्म गोल्स के रूप में अपने मकसद तय किए थे। छोटी अवधि के लक्ष्य के रूप में प्रभात ने बेहतर वेतन देने वाली नौकरी स्वीकारी और भविष्य के लिए पूंजी जमा की। लंबी अवधि के मकसद के तौर पर उन्होंने अपना पसंदीदा करियर चुना। वास्तविकता में जहां पुरानी पीढ़ियां अपने करियर को दूरदृष्टि के साथ देखती थीं, वर्तमान पीढ़ी इस मामले में बिल्कुल अलग है। भारी-भरकम लोन, कई पेशेवर विकल्पों और एंटरप्रेन्योरशिप से प्रेरित युवा प्रोफेशनल अपने करियर की शुरुआत को लेकर अलग ढंग से सोचते हैं और लंबी अवधि छोटी अवधि के मकसद अपनी जरूरत के अनुसार तय करते हैं। इंटरनेशनल रिलेशंस में मास्टर्स करने वाले कार्तिक कपूर डिजिटल स्पेस में काम कर रहे हैं। वे कहते हैं, मेरे पिता ने एक ही संस्थान में काम करते हुए 30 साल   बिता दिए और अंतत: वे शीर्ष पद पर पहुंचे, लेकिन मैं इस तरह काम करने के बारे में कल्पना भी नहीं कर सकता। करियर के अनगिनत विकल्पों के चलते अब किसी भी लंबी अवधि के उद्देश्य से जुड़ना व्यावहारिक नहीं है। मैं किसी भी नौकरी में तब तक काम कर सकता हूं जब तक कि उस काम में मेरी दिलचस्पी हो। रुचि खत्म होने पर मैं नौकरी बदल लूंगा।     स्पष्टलक्ष्य और सही रणनीति   मुद्राइंस्टीट्यूट ऑफ कम्यूनिकेशन से एमबीए कर चुके आनंद शंकर कहते हैं, करियर प्लानिंग में शॉर्ट टर्म लॉन्ग टर्म गोल्स स्पष्ट होने चाहिए और उसी अनुसार आपको रणनीति तय करनी चाहिए। एजुकेशनल लोन और व्यावसायिक महत्वाकांक्षाएं भी करियर लक्ष्यों से जुड़े फैसलों पर असर डालती हैं। चूंकि ज्यादातर स्टूडेंट अपनी पहली नौकरी में भारी-भरकम लोन के साथ प्रवेश करते हैं ऐसे में मोटा वेतन देने वाली नौकरी प्राथमिकता बन जाती है। दूसरी अहम बात है अब जिस तेजी से ग्रेजुएट बिजनेस वेंचर्स की ओर बढ़ रहे हैं ऐसे में लंबे समय का कॉर्पोरेट करियर कुछ आउटडेटेड सा हो रहा है। मैं भी ऐसी नौकरी में जगह बनाना पसंद करूंगा, जहां मैं अपने स्टार्ट अप के लिए पूंजी जमा कर सकूं और उसके बाद मैं करियर के बारे में साेचूंगा।     लॉन्गटर्म या शॉर्ट टर्म?   इसचुनाव पर आपका भविष्य निर्भर करता है। स्टूडेंट्स का एक समूह मानता है कि लंबे समय के करियर का खाका खींचना महत्वपूर्ण है। जब आप एक लगातार चलने वाले करियर की बजाय नौकरियों की एक लंबी फेहरिस्त के साथ खुद को एक प्रोफेशनल के रूप में देखते हैं तो अनिश्चित मनोस्थिति में होते हैं। आप तय नहीं कर पाते कि आप किस फील्ड के अनुभवी हैं? जबकि लंबे समय तक टिककर फील्ड विशेष में काम करना विशिष्ट कुशलताएं आपमें विकसित करता है। हालांकि, लंबे समय तक किसी संस्थान से जुड़े रहने की योजना के चलते आपको कुछ समझौते करने होंगे। कई प्रतिष्ठित कंपनियां जहां आप करियर बनाना पसंद करते हैं, शुरुआत में कुछ खास अच्छा वेतन नहीं देती, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी ब्रांड वैल्यू ही युवा प्रोफेशनल्स के लिए पर्याप्त है। लेकिन यह भी सच है कि यहां का अनुभव आपको भविष्य के लिहाज से सुरक्षित स्थिति में पहुंचा देता है। दूसरी ओर प्रोफेशनल्स के एक अन्य समूह का कहना है कि अलग-अलग नौकरियों से कॉन्टैक्ट बनाना, अपने प्रोफेशनल नेटवर्क को िवस्तृत करना, स्किल्स और लर्निंग को अपडेट करना एक ही कंपनी के साथ करियर में संभव नहीं है। ऐसे में नौकरी बदलते रहना आपको प्रतिस्परर्धा में बनाए रखता है और आर्थिक रूप से भी मजबूत करता है।     अपनीप्राथमिकताओं को समझें   अाईआईएमशिलांग से ग्रेजुएट प्रियांश मोदी कहते हैं, अगर आप लंबे समय का कॉर्पोरेट करियर प्लान करते हैं और लॉन्ग टर्म गोल्स पर फोकस करते हैं तो यह आपके करियर की दूरदर्शी योजना होती है। आपकी सफलता इस बात से मापी जाएगी कि अगले 10 सालों में आप कहां पहुंचते हैं, लेकिन अगर आप सिर्फ वित्तीय सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं तो छोटी अवधि के लक्ष्य आपकी प्राथमिकता होने चाहिए। मेरी राय में युवा प्रोफेशनल्स को यह समझ होनी चाहिए कि आप अाने वाले सालों में खुद को कहां देखना चाहते हैं।
 
 
 
 
MATRIMONY
 
विज्ञापन