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    सेंसेक्स +43.66 26,392.76   यूरो+0.10 73.11   डॉलर-0.31 67.90   सोना+200.00 28,800   चांदी00.0041,500  522   900  यू-ट्यूब चैनल बना यूथ की कमाई का जरिया; टॉप-10 की कुल इनकम 23 फीसदी बढ़कर इस साल हुई 475 करोड़ रु  सबसे मोटी महिला को मेडिकल वीसा दिलाने में मदद करंेगी सुषमा  6 दिन कम हुआ कैलाश मानसरोवर यात्रा का समय  जिन शशिकला पर जया को जहर देने के आरोप लगे, उन्हीं ने किया अंतिम-संस्कार  जस्टिस जगदीश सिंह खेहर होंगे अगले चीफ जस्टिस  आज रिजर्व बैंक ब्याज दरों में कर सकता है कटौती  बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी ऋण दर 0.2% सस्ती की  अनदेखा...  न्यूज ब्रीफ  राजनीति पर चढ़ी वंशबेल, मगर पकड़ अभी कमजोर  पेट्रोल-डीजल 8 फीसदी तक महंगा सोना सस्ता होने की संभावना  जयपुर में पहली बार हार्ट लंग्स साथ ट्रांसप्लांट का दावा  सिटी रिपोर्टर | जोधपुर   अंतरराष्ट्रीयस्तर के ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेंजर्ड ऑफ वाइल्ड फाउना एंड फ्लोरा (साइटस) की ओर से शीशम की लकड़ी और इससे बने उत्पादों के आयात-निर्यात पर रोक लगा देने के निर्णय के संबंध में गत 29 नवंबर को नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इसके अनुसार 2 जनवरी 2017 के बाद किसी भी देश के पोर्ट पर शीशम के प्रॉडक्ट स्वीकार नहीं किए जाएंगे। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद जोधपुर से जाने वाले कंटेनर्स की संख्या घट गई है। शहर से प्रतिवर्ष करीब दो हजार करोड़ रुपए का हैंडिक्राफ्ट फर्नीचर एक्सपोर्ट होता है, इसमें से औसतन 700 करोड़ यानी 35 प्रतिशत के शीशम के प्रॉडक्ट होते हैं। उधर, ईपीसीएच के पदाधिकारियों ने मंगलवार को सांसद गजेंद्रसिंह शेखावत के साथ केंद्रीय पर्यावरण राज्यमंत्री अनिल माधव दवे से दिल्ली में मुलाकात कर देश में शीशम पर प्रतिबंध नहीं लगाने की मांग की।   साइटस एक इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन है, जिसका भारत भी सदस्य है। इस संस्था ने कुछ माह पूर्व एक नोटिफिकेशन जारी कर शीशम को लुप्तप्राय: वनस्पति बताते हुए इससे बनी वस्तुओं के आयात-निर्यात पर रोक की सिफारिश की थी। इस मामले में दक्षिण अफ्रीका के जोहानसबर्ग में गत अक्टूबर में हुए अधिवेशन में फैसला लिया गया था। शेष| पेज 13   भारतसहित कुछ देशों के प्रतिबंध लगाने के संबंध में प्रस्ताव भेजा था जिस पर पुनर्विचार के लिए आश्वस्त किया गया था, लेकिन 29 नवंबर को जारी एक नोटिफिकेशन के तहत साइटस ने शीशम के व्यावसायिक उपयोग निर्यात पर रोक लगा दी है।   आज केंद्रीय मंत्रियों से मिलेंगे एक्सपोर्टर्स :   जोधपुर के एक्सपोर्टर्स का एक दल मंगलवार को दिल्ली रवाना हुआ। यह दल बुधवार को केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री और वस्त्र मंत्री से मुलाकात करेगा। यदि प्रतिबंध में राहत नहीं दी गई तो यहां का एक्सपोर्ट बिजनेस संकट में जाएगा। पिछले चार दिनों में जोधपुर से जाने वाले कंटेनरों की संख्या भी घट गई है।   - डॉ. भरत दिनेश, अध्यक्ष, जोधपुर हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन   केंद्रीय स्तर पर हो रहे हैं प्रयास :   हमने केंद्र राज्य सरकार को इस संबंध में बताया है कि हमारे यहां दक्षिण भारत में नहरों तालाबों के किनारे शीशम की पैदावार होती है। इसलिए यह जंगल में उगी हुई प्रजाति नहीं है। किसान इसका उत्पादन ही इसीलिए करते हैं कि उत्पाद बनाए जा सकें। इस प्रजाति के जो पेड़ जंगल में हैं, इंडियन फॉरेस्ट एक्ट 1927 के तहत सरकार द्वारा उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाती है। संभवतया राहत मिल जाएगी।   - राकेश कुमार, एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर, ईपीसीएच  सूचना