ई-पेपर
Change Your City
 

Go to Page << Previous1234567...1718Next >>

 
 
 
न्यूज इनबॉक्स  पीटर, विधि और सिद्धार्थ से पूछताछ  मुझे आरएसएस का स्वयं सेवक होने पर गर्व: मोदी   संघके अनुशांगिक संगठनों की बैठक में पहुंचे पीएम   एजेंसी| नई दिल्ली . राष्ट्रीयस्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा को-ऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक में शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे। यहां संघ नेताओं की मौजूदगी में प्रधानमंत्री ने 15 मिनिट का भाषण भी दिया। पीएम ने अपने भाषण में कहा कि उन्हें आरएसएस का स्वयं सेवक होने पर गर्व। उन्होंने कहा कि यह संघ के संस्कारों का ही नतीजा है जो वे आज यहां हैं। मोदी ने अपनी सरकार के कामकाज पर बोलते हुए कहा कि उनकी सरकार देश में बड़े बदलावों के लिए काम कर रही है और उसके नतीजे जल्द ही दिखाई देने लगेंगे।   शेष| पेज 12   15मिनिट के अपने भाषण में पीएम ने कहा कि जब उनकी सरकार को देश की बागडोर मिली थी तब देश के हालात अच्छे नहीं थे। पीएम ने कहा कि उनकी सरकार के कामकाज के नतीजे आने में समय लगेगा लेकिन नतीजे जल्द ही दिखाई देने लगेंगे। पीएम के भाषण के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत और 100 से ज्यादा पदाधिकारी मौजूद थे। मोदी के भाषण के बाद लगभग 45 मिनिट तक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने भी अपना भाषण दिया। भागवत ने अपने भाषण में सरकार के कामकाज की तारीफ की और कहा कि मोदी सरकार सही दिशा में काम कर रही है।         शिक्षा पर भी हुआ मंथन   होसबोले ने कहा, ‘शिक्षा के भारतीयकरण और आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय मूल्यों का ध्यान रखने वाली शिक्षा व्यवस्था को विकसित करना चाहिए। शिक्षा के दायरे से कोई बाहर नहीं रहे। आने वाले 5 सालों में 100 फीसदी साक्षरता हासिल करने के लिए उपाय किए जाने चाहिए। सार्क देशों के सदस्य होने के नाते पड़ोसी देशों से बेहतर संबंध रखने होंगे। पड़ोसी देशों के साथ अपने सांस्कृतिक संबंध और अच्छे कैसे हो सकते हैं, इस पर भी विचार हुआ। शोषित, वंचित और दलितों को स्वाभिमान की जीवन देने के लिए भी ऐसी योजनाओं पर जोर दिया गया है। यह सरकार की समीक्षा बैठक नहीं थी, सिर्फ समन्वय पर बात हुई। यहां निर्णय लेने जैसी कोई बात नहीं हुई। धार्मिक जनगणना पर हमारे कार्यकर्ता अध्ययन करके रिपोर्ट बनाएंगे। उसमें इस विषय पर बात हो सकती है।”     आरएसएसने दिए कई सुझाव   तीनदिनों की को-ऑर्डिनेशन मीटिंग के बाद संघ के नेताओं ने बताया कि मीटिंग में किन मुद्दों पर विचार किया गया। संघ के नेता दत्तात्रेय होसबोले ने कहा, ‘संघ को सरकार से किसी तरह का अनुदान नहीं मिलता, लेकिन संघ समाज की ताकत से काम करता है। संघ के विचार से प्रेरणा लिए हुए लोग सत्ता संभाल रहे हैं, तो हमारा दायित्व बनता है कि हम सरकार को उसके कामकाज को लेकर बताएं।     तीन दिनों में आंतरिक सुरक्षा और सीमाओं की सुरक्षा पर बात हुई। देश की कैपेबिलिटी बढ़ाने के लिए आंतरिक सुरक्षा के संबंध में शासन को सही नीति अपनाने के सुझाव दिए गए हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी भारतीय चिंतन और विचार के आधार पर आधुनिक समय में हम अपने मॉडल को विकसित करें। पश्चिम के कई मॉडल फेल हो चुके हैं, यह हमें समझना चाहिए। पर्यावरण का ध्यान रखते हुए विकास का मॉडल बनाया जाए। गांव को लोग कमाई, पढ़ाई और दवाई की वजह से छोड़ रहे हैं। गांवों में इन सुविधाओं को उपलब्ध कराने के लिए सुझाव दिए गए हैं।”     मेरेकपड़े डिजाइनर नहीं बनाते   प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उनके कपड़े डिजाइनर नहीं बनाते। वह चाहते हैं कि उनके कपड़े ‘सामान्य और सहज दिखें। शिक्षक दिवस के पूर्व मौके पर मानेकशॉ केंद्र में मोदी ने विद्यार्थियों से बातचीत के दौरान यह बात कही। एक विद्यार्थी के सवाल के जवाब में कहा, ‘मुझे नहीं मालूम कि लोगों को ऐसा क्यों लगता है कि मेरा कोई फैशन डिजाइनर है। वास्तव में मैं सहज दिखने वाले कपड़े पहनता हूं।       प्रधानमंत्री और विद्यार्थियों के बीच के संवाद का प्रसारण देश के कई विद्यालयों में किया गया। विद्यालयों में इसके लिए बड़े पर्दे लगाए गए थे।   प्रधानमंत्री ने इस मौके पर अपने बचपन की बात बताई। उन्होंने बताया कि कैसे पूरी बांह वाले कुर्ते को उन्होंने आधी बांह के कुर्ते में बदल दिया था।   मोदी ने कहा, “मैं अपने कपड़े खुद धुलता था। पूरी बांह वाला कुर्ता धुलने में अधिक समय लगता था। इसलिए मैंने उसे आधी बांह का कर दिया। इससे मेरा काम आसान हो गया। उसके बाद तो मैं आधी बांह के कपड़े पहनने लगा।”   उन्होंने कहा कि गुजरात के मौसम में आधी बांह का कुर्ता उन्हें ठंडा रखता था और इसे कहीं ले जाना भी आसान होता था।   मोदी ने कहा कि उन्हें अच्छे तरीके से कपड़ा पहनना हमेशा से अच्छा लगता रहा है। वह एक गरीब परिवार के थे। कपड़ा इस्त्री कराने के लिए पैसे नहीं होते थे। इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने लोटे को ही इस्त्री बना दिया। लोटे में गर्म कोयला डालकर वह उसी से कपड़े पर इस्त्री कर लिया करते थे।   प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका मानना है कि जैसा मौका हो, उस हिसाब से और अच्छे ढंग से कपड़े पहनने चाहिए।   उन्होंने बताया कि किस तरह वह अपने कैनवास के जूतों को सफेदी से चमकाया करते थे। उन्होंने कहा, “कक्षा में शिक्षकों के इस्तेमाल के बाद चाक के टुकड़े बच जाते थे। मैं उन्हीं को उठाकर ले आता था और उन्हीं से जूतों को सफेद किया करता था।”
 
 
 
 
MATRIMONY
 
विज्ञापन