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मुख्य खबरे

 
नारे कागजों तक सीमित     सर्दी के मौसम में रात को पानी छोडऩा किसी भी नजरिए से उचित नहीं है। पब्लिक हेल्थ को इस बारे में कठोर कदम उठाने चाहिए। प्रशासन एक तरफ तो बेटी बचाओं, पानी बचाओ का नारा लगाकर लोगों को जागरूक कर रहा है। दूसरी और अधिकारी बेकार बह रहे पानी को रोकने के लिए कोई कार्रवाई नहीं कर रहे।   अश्विनी परूथी,   समाज सेवी निवासी खुरानिया मोहल्ला ।     पानी की हो रही है बर्बादी     लोगों द्वारा किए जा रहे निर्माण कार्यों में हजारों लीटर पानी हररोज नष्ट हो रहा है। पब्लिक हेल्थ के अधिकारी इसके लिए कोई जुर्माना भी नहीं लगा रहे। जल है तो जीवन है का नारा देने वाले अधिकारी भी इस पानी की बर्बादी के लिए जिम्मेदार हैं।   बलवंत सिंह जाटान,   निवासी एमआईटीसी कालोनी     दिन में छोड़ा जाए पानी     ज्यादातर शहरवासी रात को पानी छोड़े जाने के कारण पानी नहीं ले पाते। अगर दिन में पानी छोड़ा जाए तो अधिकतर शहरवासियों की पेयजल संबंधी समस्या हल हो सकती है। चौराहों पर लगे नल भी रात भर चलते रहते हैं। पानी की बर्बादी को रोकना चाहिए। यह भविष्य के लिए बहुत जरूरी है। नहीं तो लोग बहुत पछताएंगे।   पवन मलिक,   निवासी महादेव कालोनी सीवन गेट     पानी की बर्बादी रोकी जाए     पानी व बिजली एक साथ छोड़ी जाए तो पीने के पानी की समस्या हल हो सकती है। इसके लिए अधिकारियों को बैठक में इस समस्या का हल निकालना चाहिए। हर साल करोड़ों रुपए के पेयजल की बर्बादी हो रही है। पानी का सदुपयोग होना चाहिए। यह सामाजिक जिम्मेदारी भी बनती है।   राजू शर्मा,   निवासी ऋषि नगर।  आसाराम के विरुद्ध मानहानि का मुकदमा दर्ज हो  पानी पीना है तो रातभर जागना होगा  पता नहीं जन स्वास्थ्य विभाग कब पानी छोड़ दे, कड़ाके की सर्दी में रात भर जागकर नल में पानी आने का इंतजार करते हैं लोग, विभाग के खिलाफ पनप रहा रोष  गुरुवार, १० जनवरी 20१३  दहेज के लिए विवाहिता को सताया, तीन पर केस  सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग करते ३ गिरफ्तार  विपक्षी करवा रहे हैं हड़ताल...     गुहला चीका त्न   भाकियू प्रदेशाध्यक्ष पालाराम गौड़ के नेतृत्व में किसानों की मांग को...   :पढ़ें पेज १६  गुहणा, हरिपुरा, दिल्लोवाली में नहीं बजेगा डीजे