विज्ञापन
 
test
Change Your City
 

Go to Page << Previous1234Next >>

 
 
 

मुख्य खबरे

 
पहली प्राथमिकता सड़क चौड़ीकरण को मिलेगी   ॥ शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने दिशा में प्रयास किया जाएगा। चौड़ीकरण अभियान को प्राथमिकता से शुरू कराया जाएगा। साथ ही माल वाहनों के आवागमन के लिए बायपास रोड बनाने भी प्रयास किया जाएगा। ॥ सोहन पोटाई, सांसद, कांकेर  सड़क दुर्घटना के कारण   > बसों-टैक्सियों में क्षमता से अधिक सवारी भरा जाना।   > नेशनल हाइवे में वाहनों की बेलगाम गति।   > नेशनल हाइवे के दोनों ओर बसे हैं गांव, लेकिन सुरक्षा के उपाय नहीं।   > मालवाहक वाहनों ें क्षमता से अधिक माल भरना।   > जर्जर हो चुकी नेशनल हाइवे।   > नेशनल हाइवे पर हर समय डेरा डाले बैठने वाले मवेशी।   > कांकेर शहर में बाइपास का नहीं बनना।  सड़क दुर्घटनाएं एक नजर में     वर्ष दुर्घटनाएं घायल मौत     2011 337 347 67   2012 379 394 96   आंकड़े स्त्रोत-पुलिस अधीक्षक कार्यालय कांकेर  मवेशियों का डेरा खतरनाक   सुभाष वार्ड निवासी शिक्षिका अर्चना रजक ने कहा सड़क सकरी है और वाहन बहुत तेज रफ्तार से चलते हैं। सड़क पर जगह जगह पर मवेशियों का डेरा लगा रहता है जो दुर्घटना का कारण बनते हैं।  मैनेजमेंट फंडा क्चपेज -1४   समाज की अंतर्निहित भावना को...     इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से सबक मिलता है कि जिस समाज या बाजार में आप रहते हैं, उसकी अंदरूनी हलचलों पर नजर रखें, लोगों के व्यवहार को समझें और उसी के मुताबिक निर्णय लें।  कांकेर क्च चारमा क्च नरहरपुर  क्च अंतागढ़ क्च पखांजूर  क्च दुर्गूकोंदल क्च भानुप्रतापपुर क्च लखनपुरी क्च कोरर  कांकेर भास्कर  साल की कुछ खट्टी-मीठी यादें... क्च१६  न्यूज इन बॉक्स क्च  रायपुर ३० दिसंबर, २०१२  रविवार  आयोजन समिति द्वारा सात दिवसीय श्रीराम कथा अमृत वर्षा का किया गया शुभारंभ  श्रीराम कथा  शिक्षाकर्मियों के साथ नगर पालिका  शिक्षाकर्मी लिखेंगे खून से पत्र  कांकेर.   वार्षिकोत्सव में हर गीत नृत्य पर झूमते रहे श्रोता।     वार्षिकोत्सव   में रंगारंग प्रस्तुति देते छात्र-छात्राएं।  भानुप्रतापपुर.   रामकथा सुनने बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्घालु। इनसेट: दिलीप कृष्ण भारद्वाज  महिला के साथ मारपीट  किए जाएंगे हर संभव प्रयास  वार्षिकोत्सव में दी रंगारंग प्रस्तुति  भाजपा की बैठक आज  जिसके चरणों से सुगंध आए वही सच्चा गुरु  भास्कर  लेखा-जोखा त्न  संकरी-जर्जर सड़कों पर हर तीसरे दिन मौत