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भारत का सबसे बड़ा समाचार पत्र समूह  क्या किसी खास जगह से होना आपकी सफलता में रुकावट पैदा करता है। अब तक कोई भी एशियाई कंपनी विश्व पटल पर अपनी जगह नहीं बना पाई है। आईबीएम थिंकपैड और मोटोरोला खरीदने के बाद भी लेनोवो को वर्ल्डवाइड मार्केट शेयर नहीं मिल पाया। एसी, िफ्रज जैसे अप्लायंस बनाने वाली कंपनी हेयर भी इसमें सफल नहीं हो पाई। ये सफल कंपनियां एक दायरे तक ही सिमट कर रह गईं। सैमसंग ने जरूर दक्षिण कोरियाई ब्रांड को ग्लोबल ब्रांड बनाया, मगर इसमें कोई भी चीन की कंपनी नहीं है। अब देखना यह है कि क्या अलीबाबा पहली चीनी कंपनी होगी जो ग्लोबल मार्केट में अपनी पकड़ बनाए्गी?  अभी सिर्फ 36 हीरा खदानें 6 साल में रह जाएंगी आधी  {अनुपम सिंह/भास्कर न्यूज नेटवर्क . बिलासपुर/नईदिल्ली   छत्तीसगढ़हाईकोर्टमें चीफ जस्टिस रहते हुए कोर्ट में कटघरे बनवाए थे। ताकि अवमानना करने वाले अफसरों को गलती का अहसास कराने के लिए सजा दी जा सके। महिला वकीलों को अम्मा कहने का उनका अंदाज आज भी कोर्ट में याद किया जाता है। बिलासपुर की वकील हमीदा सिद्दिकी कहती हैं- शुरुआत में अम्मा सुनना मुझे और मेरी साथियों को अटपटा लगता था। लेकिन समय के साथ इसमें उनकी आत्मीयता की झलक दिखने लगी। वह सुप्रीम कोर्ट के इकलौते जज हैं जो वकीलों को नाम से पुकारते हैं।   सरल स्वभाव इसी से झलकता है कि किसी ने बेटी से पूछा- तुम्हारे पिता काम क्या करते हैं तो उसका जवाब था- कोर्ट में कर्मचारी हैं। उनके पिता एचएल नारायणस्वामी अंग्रेजी पढ़ाते थे। यही कारण था कि जब दत्तू पैरवी करते तो अंग्रेजी के लिए उनकी तारीफ होती।  {मानसी दाश/वरुण प्रताप सिंह . नईदिल्ली   म्यूजिकइंडस्ट्रीका लेटेस्ट ट्रेंड है ऑफलाइन एप। पिछले छह महीनों में चार ऐसे बड़े एप लॉन्च हुए हैं। साल खत्म होने के पहले दो और होने वाले हैं। यही नहीं हर महीने इन चार बड़े एप से 10-10 लाख गाने डाउनलोड हो रहे हैं। एप डाउनलोड करने वालों के आंकड़े भी गजब हैं। लॉन्च के 48 घंटों के भीतर सावन प्रो दस हजार लोगों ने डाउनलोड किया। एयरटेल का दावा है उसके एप विंक प्लस के डाउनलोड का आकंड़ा लॉन्च के चार दिन में एक लाख पार कर गया था। विंक प्लस पर आठ भाषाओं में 17 लाख गाने हैं। वहीं 30 लाख गाने देने वाले गाना प्लस के डाउनलोड्स पहले 45 दिन में 10 लाख पार कर गए थे। पिछले दो महीनों में गाना प्लस का प्ले काउंट 200 प्रतिशत बढ़ गया है। स्टीव जॉब्स ने आईपॉड के लॉन्च में कहा था - अब एक लाख गाने आपके पॉकेट में। इस ट्रेंड के चलते अब आईपॉड को भी चुनौती मिल रही है।   इसके जरिए अब सिर्फ 100 रु. देकर महीनेभर लाखों गाने ऑफलाइन सुने जा सकेंगे। गाना प्लस 123 रु., सावन प्रो 120 रु., हंगामा प्रो 110 रु. और विंक प्लस 99 रु. महीने में ऑफलाइन म्यूजिक एप दे रहा है। इसी साल गूगल का यूट्यूब एप और आरडियो अनलिमिटेड एप भी बाजार में होगा। आरडियो के पास 2 करोड़ गानों की अपनी लाइब्रेरी है और धिंगाना के एक करोड़ गाने भी हैं। हंगामा डिजिटल मीडिया के सीईओ नीरज रॉय के मुताबिक, ‘न सिर्फ बॉलीवुड बल्कि रीजनल म्यूजिक में भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ रही है। यूट्यूब एप लॉन्च की चर्चा इतनी ज्यादा है कि कंपनियां अपने आंकड़े छिपा रही हैं। 960 करोड़ रुपए की इंडियन म्यूजिक इंडस्ट्री में बड़ी क्रांति है।   भारत के पहले ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग पोर्टल इंडोपिया के हेड नरोत्तम गिरी के मुताबिक ऑफलाइन गानों से बैंडविथ बचेगी। और भारत में बैंडविथ अभी भी काफी महंगी है और कमजोर भी। इसलिए ऑफलाइन ट्रेंड काफी सुविधाजनक होगा। ऑनलाइन के सामने यूं भी चुनौतियां कम नहीं हैं। देश के बड़े म्यूजिक प्लेयर्स में हंगामा, सावन, टी-सीरीज, सारेगामा, आईमस्ती, एनएच7 और आईट्यूंस हैं। पाइरेटेड ऑनलाइन गाने उपलब्ध कराने वाली वेबसाइटें बंद होती रहती हैं। रॉयल्टी रकम नहीं चुकाने की वजह से कलकत्ता हाई कोर्ट ने songs.pk को बंद करने का निर्देश दिया था। इंटरनेशनल फेडरेशन आॅफ फोनोग्राफिक इंडस्ट्री के मुताबिक 2013 में डिजिटल म्यूजिक इंडस्ट्री का रेवेन्यू 4.3 फीसदी की दर से बढ़ा है। तो सारा फायदा अब ऑफलाइन ट्रेंड को ही मिलना है।  संडे स्नैप  ट्रेनों की पेंट्री कार में लगेंगे सीसीटीवी कैमरे  राजू हाथी को बचाने की कहानी पर बनेगी हॉलीवुड फिल्म
 
 
 
 
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