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रामगंजमंडी {चेचट {मोड़क  मौसम  सर्राफा बाजार  नहीं बदले हालात: यहां लगती है मजदूर मंडी  भास्कर न्यूज | सुकेत  सलावदखुर्द पंचायत के ग्राम झीरी में स्कूली बच्चों को पीने को पानी के लिए एक किमी दूर जाना पड़ता है। झीरी के स्कूल में नल लगा हुआ है, लेकिन पानी नहीं आता। हैंडपंप से जंग लगा पानी आता है। बच्चों के लिए पानी की व्यवस्था शिक्षिकाओं को करना होती है। इसके लिए उन्हें 1 किमी दूर खेत में लगी ट्यूबवैल से पानी लाना होता है। इसमें उन्हें बच्चों की मदद भी लेनी पड़ती है।   शिक्षिका मारिया सरोज नामा ने बताया कि स्कूल शुरू होते ही पानी भरने में लग जाते हैं। पानी के इंतजाम के बाद ही दूसरा काम हो पाता है। सुबह बच्चे पानी घर से लाते तो हैं, लेकिन वह थोड़ी ही देर में खत्म हो जाता है। कई बार ग्रामीणों से कहा, जलदाय विभाग को भी सूचित करवाया।   जलदाय विभाग की पाइप लाइन को गांव में जगह-जगह लोगों ने पानी के लिए फोड़ रखा है। इस कारण यहां तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। अब भीषण गर्मी में बच्चों के लिए पानी कहां से लाएं, कोई मदद को तैयार नहीं।   नलऊंचाई पर, खैळ की लाइन से भर रहे पानी   मोड़कगांव. बुधखानपंचायत के गुणदी गांव में सरकारी नल ऊंचाई पर होने से वहां तक पानी नहीं पहुच रहा है। ऐसे में ग्रामीण मवेशियों के लिए बनी खैळ वाली लाइन से पानी भर रहे हैं। इससे खैळें भी नहीं भर पा रही हैं। पंचायत के सभी गांवों में पानी की समस्या है। मोड़क गांव में भी ऊंचाई वाले इलाके में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। बुधखान सरपंच भोजराज मीणा ने बताया कि वाटर लेवल नीचे जाने से हैंडपंपों से पानी की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही। अभी एक मात्र सहारा चंबल योजना है। इसमें पानी की कमी के कारण टंकी नहीं भर पा रही हैं। शेषपेज 14 पर   पहाड़ी का रिसता गंदा पानी छानकर पीते हैं ग्रामीण भैंसरोडगढ़।पहाड़ीऔर जंगल के बरसाती नाले से रिसकर गडढ़ों में भरे पानी से बुझा रहे है ग्रामीण प्यास। यह दृश्य है भैंसरोडगढ़ पंचायत के गांव बेवड़ा का खाल का है। इसी के नजदीक चंबल नदी से भीलवाड़ा जिले को पानी जा रहा है और यहां लोग रिसते पानी से प्यास बुझा रहे है। ग्राम पंचायत भैंसरोडगढ़ के 100 लोगों का गांव बेवड़ाकाखाल गांव में ग्रामीणों को बरसाती नाले का गंदा पानी कपड़े से छान कर पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। गांव में 2 हैंडपंप हैं, पर दोनों से पेयजल आपूर्ति बंद है। एक हैंडपंप तो बिल्कुल सूखा है, दूसरा 1 वर्ष से खराब पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि इसके लिए कई बार पंचायत में शिकायत की, लेकिन उसके बाद भी हैंडपंप ठीक नहीं हो पाया। इसके चलते लोगों को नाले का गंदा पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। यह कैसी विडंबना है कि ऐसा गंदा पानी पीने वाले लोगों के स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ेगा। यह देखते ही महसूस हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जब से गांव में हेंडपंप लगा है, तब से भरपूर पानी है, लेकिन जब से हेंडपंप खराब हुआ है, तब से लोग दूषित पानी पी रहे है। यह विडंबना ही है कि इस हेंडपंप में अटूट पानी होने के बावजूद, गंदा पानी पीना पड़ रहा है।  बाईपास पर खत्म होंगे अंधे मोड़, सीधी सड़क बनना शुरू  इमरजेंसी जोन-जंगल; उधार की दमकल से आग बुझाते हैं  एनपीसीआईएल ने निकाली 183 इंजीनियरों की भर्ती  छात्रावास में जाकर जांचे हालात  मतदाता सूची विशेष शिविर आज  भट्टी सा तपा रामगंजमंडी शहर, पारा पहंुचा 44 डिग्री  ट्रांसफॉर्मर में आग, कस्बा अंधेरे में  मंडी भाव  बैंक में भर्तियों के लिए आवेदन शुरू  ब्राह्मण महासभा युवा प्रकोष्ठ की बैठक आज  मजदूर दिवस पर आज निकालेंगे रैली  पंचतंत्र
 
 
 
 
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