विज्ञापन
 
test
Change Your City
 

Go to Page << Previous1234Next >>

 
 
 

मुख्य खबरे

 
दर्जनभर गांवों के लोगों ने फिर बनाया है आंदोलन का प्लान     पिछले वर्ष मुनगासेर में संचालित देशी एवं विदेशी मदिरा दुकानों को हटाने के लिए मुनगासेर सहित खांड़ादरहा, सालडबरी, सोहागपुर, बोडऱीदादर, नरतोरी, लक्ष्मीपुर, सेनभांठा, चारभांठा के ग्रामीणों ने 21 दिन तक धरना प्रदर्शन किया था। जिसमें महिलाएं भी भारी तादाद में सामने आकर आंदोलन में भाग लिया था। वहीं शासन-प्रशासन आगामी सत्र से दुकान बंद करने का हवाला देकर किसी तरह 21 दिन बाद आंदोलन को समाप्त कराने में सफलता प्राप्त की थी। एक बार फिर अब इस पूरे मामले को लेकर गांव-गांव में बैठक आयोजित की जा रही है कि आंदोलन का स्वरूप कैसा हो।  विपणन संघ पर तानाशाही का आरोप लगा रहा खरीदी केंद्र     रखरखाव की दृष्टि से खरीदी केंद्रों में व्यापक व्यवस्था नहीं की गई है, इसलिए धान के स्टेक खराब हो रहे हैं। नियमानुसार खरीदी के तीन दिन के भीतर खरीदी केंद्रों से धान का उपार्जन किया जाना चाहिए था लेकिन ऐसा नहीं होने के कारण बेलसोंडा में 23 हजार क्विंटल, बावनकेरा में 28 हजार, नायकबांधा में 8 हजार, तुमगांव में 19 हजार, भोङ्क्षरग में 10 हजार, बरोंडाबाजार में 8 हजार, बागबाहरा के सिर्री में 25 हजार और यहीं के गांजर में 31 हजार क्विंटल धान खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। बेलसोंडा सोसायटी के अध्यक्ष प्रेम चंद्राकर का आरोप है कि धान उपार्जन के मामले में विपणन संघ का रवैया तानाशाही हो गया है। सोसायटी के संचालक इस रवैए के खिलाफ अब आंदोलन का मूड बना रहे हैं। विपणन संघ के धान उपार्जन के लिए दो दिन का समय दिया गया है।  मुआवजा का अतिरिक्त लाभ पहुंचाने प्रतिबंधित अवधि में किया हाइवे की जमीन का डायवर्सन  पानी से भीग रहा ऊपरी धान नीचे चूहे मचा रहे हैं धमाल  शराब दुकान के खिलाफ फिर आक्रोश  संकोच का परित्याग करें समाज के लोग  गड़बड़ी में एक और एसडीएम का हाथ  बरछी-भाला लेकर घूम रहे युवक की पिटाई