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देश की सबसे लंबी सुरंग में चली ट्रेन  टी-२० : सीरीज 1-1 से बराबर  युवी ने जीता दिल टीम इंडिया ने मैच  72 रन   36 गेंद   04 चौके   07 छक्के  डेढ़ घंटे ट्रक के पहिये में फंसी रही महिला, मौत  दुष्कर्म पीडि़त छात्रा के मस्तिष्क में भी गंभीर चोट, हालत नाजुक -पेज ९  सुशीलकुमार आज मंदसौर-नीमच जिले में  एजेंसीत्नमुंबई     टाटा समूह के चेयरमैन रतन टाटा शुक्रवार को रिटायर हो गए। उन्होंने करीब पांच लाख करोड़ रुपए के समूह की कमान 44 वर्षीय साइरस पलोनजी मिस्त्री को सौंपी है। साइरस शनिवार को समूह के छठे चेयरमैन के रूप में बागडोर संभालेंगे।   मिस्त्री 2006 में बतौर डायरेक्टर टाटा समूह में शामिल हुए थे। शुक्रवार को ही 75 वर्ष की उम्र पूरी करने वाले रतन टाटा समूह के मानद चेयरमैन बने रहेंगे। उन्होंने 21 वर्ष तक टाटा समूह की कमान संभाली। समूह की स्थापना 1868 में जमशेदजी नौशेरवानजी टाटा ने की थी।   इस मौके पर कर्मचारियों के नाम टाटा ने विदाई संदेश जारी किया। इसमें कहा, ‘कंपनी के कर्मचारियों की गई कुर्बानियां, वफादारी और साहसिक कारनामे मेरी यादों में हमेशा बसे रहेंगे। यह मेरे लिए बड़े गौरव की बात है कि मैं ऐसे लोगों की टीम का हिस्सा रहा। मैं उनके जज्बे को सलाम करता हूं।   टाटा ने कहा, ‘हम कठिन आर्थिक हालात से गुजर रहे हैं। यह आगे कुछ और समय बने रहेंगे। साइरस इस दौर में जिम्मेदारी बखूबी निभा सकें इसके लिए आप सभी को उनका साथ देना होगा। जैसा कि अब तक मेरा दिया है। मैं टाटा समूह के साथ साइरस और समस्त कर्मचारियों के सफल भविष्य की कामना करता हूं। उम्मीद करता हूं कि यह कारोबारी साम्राज्य आगे भी बुलंदियों पर पहुंचेगा।     रतन टाटा: जहां से शुरू किया, वहीं पारी खत्म की     देश के कारोबारी जगत में उत्तराधिकार हस्तांतरण की यह ऐतिहासिक घटना टाटा समूह के मुंबई स्थित मुख्यालय बॉम्बे हाउस में बिना शोर-शराबे के संपन्न हो गई। रतन टाटा इस मौके पर मुंबई के बजाय पुणे में टाटा मोटर्स के कारखाने में थे। उन्होंने अपना कारोबारी सफर यहीं से शुरू किया था। पुणे से ही उन्होंने कंपनी के नाम संदेश भी जारी किया।  पढ़े पेज २ पर