Change Your City
 
विश्वराज की कहानी दूसरे छात्रों से अलग है क्योंकि उसके तो पूरे परिवार ने ही संघर्ष का बीड़ा उठा लिया था। पिता बीमारी और गरीबी से लड़ रहे थे त मां परििस्थतियों से। उनके बच्चों ने इसके लिए सबसे मुफीद तरीका अपनाया, शिक्षा। आज विश्वराज आईआईटी पास कर नामी कंपनी में इंजीनियर है जबकि उसकी बहनें बैंक में काम कर रही हैं।  जीर्णोद्धार के लिए 30 लाख स्वीकृत  इको क्लब ने मनाया पर्यावरण महोत्सव  रंजिश में दो पक्ष भिड़े, उज्जैन रैफर  स्कूल में किया पौधारोपण
 
 
 
 
MATRIMONY
 
विज्ञापन