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मौसम  पंचतंत्र  खबरें फटाफट  मंजूरी 11.45 एकड़ में खनन की, खोद डाली 50 एकड़  एएमई के खिलाफ यूनियन का प्रदर्शन  भास्कर न्यूज | नवांशहर/राहों/बंगा   जिलेकीमंडियों में गेहूं की खरीद जोरों पर है लेकिन आधा सीजन बीत जाने के बाद भी किसानों को एक भी पैसा नहीं मिला है। नवांशहर को छोड़ बंगा और बलाचौर में अभी लिफ्टिंग नहीं हो रही। सोमवार को पेमेंट और लिफ्टिंग को लेकर अधिकारी पूरा दिन माथापच्ची करते रहे लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया।   जिले में पिछले साल 2 लाख 13 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई थी। इस साल गन्ने के अधीन रकबा बढ़ने और गेहूं का झाड़ कम होने की वजह से पौने दो लाख के आसपास ही गेहूं की आमद रहने की उम्मीद है। इसमें से एक लाख मीट्रिक टन से ज्यादा गेहूं मंडियों में पहुंच भी चुका है। इस हिसाब से किसानों का 145 करोड़ रुपए सरकार पर बकाया है। अगर 48 घंटे में पेमेंट का पैमाना भी लिया जाए तो 25 अप्रैल तक जिले में 70 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदी जा चुकी थी, जिसकी पेमेंट 100 करोड़ से ज्यादा बनती है। किसी भी एजेंसी द्वारा पेमेंट नहीं की गई है जबकि आढ़तियों ने 26 अप्रैल तक के बिल एजेंसियों को भेज दिए हैं। पनग्रेन के इंस्पेक्टर हरीश कुमार कहते हैं जैसे ही पेमेंट आएगी, अदायगी कर दी जाएगी। जिला फूड कंट्रोलर राकेश भास्कर से इस बारे में उनके मोबाइल पर संपर्क किया गया तो उन्होंने मैसेज करके बिजी होने की बात कही। देर शाम को भी उन्होंने फोन नहीं उठाया।   राहों और बंगा में लिफ्टिंग होने के कारण दाना मंडियों में गेहूं के अंबार लग गए हैं। राहों में आढ़तियों की दुकानों पर फसल रखने के लिए जगह भी नहीं बची है। यहां अब तक पनग्रेन ने ही सिर्फ 15 हजार बोरी की लिफ्टिंग की है। बातया गया है कि स्पेशल लगने के कारण ही यह लिफ्टिंग हुई है जबकि मंडी में अब तक एक लाख बोरी के करीब गेहूं की खरीद की गई है, जिसे स्टैक लगाए जा रहे हैं। मंडी सुपरवाइजर सुरिंदर सिंह और तेजपाल ने बताया कि 26 अप्रैल तक 93 हजार 353 क्विंटल गेहूं खरीदी गई है। आढ़तियों और किसानों ने मांग की कि लिफ्टिंग जल्द की जाए।   बंगा मंडी में रविवार तक गेहूं की सरकारी खरीद की गई दो लाख से ज्यादा बोरियां लिफ्टिंग होने के कारण खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं। इस कारण किसानों और आढ़तियों की परेशानी बढ़ रही है। परेशानी इस लिए क्योंकि सरकारी एजेंसियां खरीद तो कर रही हैं मगर वे लिफ्ट नहीं करवा रहीं। जब तक लिफ्टिंग नहीं होती तब तक फसल की जिम्मेदारी आढ़ती की होती है। बंगा मंडी में आढ़तियों की जिम्मेदारी बहुत बढ़ चुकी है क्योंकि रविवार तक की सरकारी खरीद का आंकड़ा दो लाख बोरी का था। जिसमें पनग्रेन की सरकारी खरीद की 46 हजार 643 बोरी, मार्कफैड की 58 हजार 753 बोरी, पंजाब एग्रो की 54 हजार 809 बोरी वेयरहाउस की 39 हजार 330 बोरी शामिल हैं। खरीद अधिकारियों के मुताबिक सोमवार की खरीद जोड़ कर यह आंकड़ा ढाई लाख तक पहुंच जाएगा। बता दें कि मंडी की लिफ्टिंग की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारियों ने फोन उठाने बंद कर दिए हैं।   अनलोडिंग पर रेट नहीं बन रहा   बतायागया है कि जिस ठेकेदार को विभाग ने अन लोडिंग का ठेका देना था वह इस बार आया नहीं। जो आए हैं वे पहले के मुकाबले रेट बहुत कह रहे है जोकि सरकार को मंजूर नहीं। सरकार ऐसे रेट देने पर अड़ी रही तो यह मामला कुछ दिन तक और लटक सकता है। एसडीएम बंगा सुखप्रीत सिंह सिद्धू ने कहा कि लोडिंग के लिए ट्रक यूनियन का मामला तो फाइनल हो चुका है। मगर अब मामला अन-लोडिंग करने वाले टेंडरों पर अटका हुआ है। उन्होंने कहा कि यह तो विभाग के डीएफएससी ने फाइनल करना है।   आलू,गन्ने के बाद गेहूं के कम... पेज 2 पर  सीवरेज और पानी के कनेक्शन 31 मई तक रेगुलर नहीं करवाए तो होगा जुर्माना  बंगा {बलाचौर {राहों  बस स्टैंड पर सीवरेज का पानी भरने से परेशानी  पंचायती जमीन पर कब्जा नहीं हो रही कार्रवाई  नाके पर हेरोइन के साथ युवक गिरफ्तार  कार सवार दो व्यक्तियों से किलो अफीम बरामद  बंगा थाने के पास से इंडिगो कार चोरी
 
 
 
 
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