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पिछले वर्ष बिके थे साढ़े सात लाख वीसीआर  इसी सप्ताह बंद हो जाएगा दुनिया मेंे वीसीआर बनना  उम्र से 3 गुना बड़े खिलाड़ियों जैसी ताकत से शॉट मारता है चार साल का शायान  स्कूल की अंडर-12 टीम में खेल रहे शायान के खेल के दीवाने हैं बड़े-बड़े क्रिकेटर्स, अब खेलेगा जोनल स्तर पर इंटर स्कूल कंपीटिशन में  अब इस तरह उड़ सकते हैं अमेरिकी सैनिक  मुश्किलों के साथ-साथ मुकाबले के नए तरीके भी ढूंढ लिए दलितों ने  6 महीने जंगलों में गुजारने वाली किशोरी ने सुनाई नक्सलियों के शोषण की कहानी  दीपक अानंद | कोटा   आईआईटीऔर एनआईटी में एडमिशन के लिए होने वाली काउंसलिंग में अगर स्मार्ट तरीके से भाग लिया जाए तो आखिरी रैंक वाले छात्रों को भी देश के श्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिला मिल सकता है। इस साल आईआईटी और एनआईटी सिस्टम के लिए चल रही काउंसलिंग में जेईई मेन्स में 10,74,213वीं रैंक हासिल करने वाले छात्र को भी एनआईटी मिजोरम की सिविल ब्रांच में दाखिला मिल गया। गौरतलब है कि करीब 11 लाख बच्चों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में जेईई मेन्स दिया था। परिणाम के बाद भी ज्वाइंट सीट अलाेकेशन बोर्ड (जोसा) की आेर से की जाने वाली काउंसलिंग में सभी छात्रों को भाग लेने के लिए एलिजिबल कर दिया गया। इसके बावजूद 11 लाख में सिर्फ डेढ़ लाख बच्चों ने ही ऑनलाइन काउंसलिंग में हिस्सा लिया। जोसा की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 26 जून तक 1,27,173 छात्रों ने काउंसलिंग में भाग लिया था। काउंसलिंग में कॉलेज का विकल्प भरने की आखिरी तारीख 29 जून थी। मतलब आईआईटी और एनआईटी में एडमिशन लेने की दौड़ 11 लाख से शुरू हुई और आखिर तक आते आते डेढ़ लाख में ही सिमट गई।   राजस्थान टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. एनपी कौशिक ने बताया जोसा सभी को काउंसलिंग में भाग लेने का मौका दे रहा है, यह अच्छी बात है। छात्रों के पास पढ़ाई करने का अवसर रहेगा। काउंसलिंग में सभी को भाग लेना चाहिए। यह छात्र की अवेयरनेस पर है, वह कितनी रैंक पर काउंसलिंग में चॉइस फिल कर रहा है या नहीं। रजिस्ट्रेशन फ्री होता है। ऐसे में काउंसलिंग में भाग लेने से कोई नुकसान नहीं है।  वंडर किड  कल नो निगेटिव न्यूज के साथ करें   नए सप्ताह की पॉजिटिव शुरुआत
 
 
 
 
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