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- आतंक का गुरूर खत्म
भास्कर न्यूज नेटवर्कत्ननई दिल्ली
आखिरकार अफजल गुरु को फांसी पर लटका दिया गया। ठीक उसी तरह जैसे 80 दिन पहले कसाब - ने देश में सबसे पहले बताया था फांसी में देरी के कारणों को अफजल को सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त 2005 को फांसी की सजा सुनाई थी। 3 अक्टूबर 2006 को दया याचिका लगी। लेकिन कोर्ट के फैसले प
- हर पहलू में राजनीति इसलिए ढेर सारे अर्थ
प्र. अफजल की फांसी को इतना गोपनीय क्यों रखा गया?
उ. मामला नाजुक था। कई पहलुओं से गुप्त रखना न सिर्फ अनिवार्य था वरन - ...और नरेन्द्र मोदी जो वजह बने ञ्चकांग्रेस कतई नहीं चाहती कि चुनाव से पहले नरेंद्र मोदी को हिंदुत्व या राष्ट्रीय सुरक्षा पर कांग्रेस और सरकार को घेरने
- सुशीलकुमार शिंदे जिन्होंने तेजी दिखाई
ञ्च21 जनवरी को गृहमंत्री ने अफजल पर राष्ट्रपति द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब भेजे।
ञ्च3 फरवरी को राष्ट्रपति भवन से - प्रणब मुखर्जी जिन्होंने मुहर लगाई ञ्चप्रणब ने दया याचिका की फाइलें निपटाने में तेजी दिखाई। कसाब की फाइल 1 महीने जबकि अफजल की फाइल उन्होंने १२ दिन में निपट
