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मुख्य खबरे

 
पीजी सेंटर आपराधिक तत्वों का बन रहे हैं ठिकाना     इन अवैध चल रहे पीजी सेंटरों में आपराधिक किस्म के लोगों के रहने की बात से इंकार नहीं किया जा सकता। शहर में पिछले कुछ माह से शहर में मोटर सवार युवकों द्वारा छीना झपटी आदि की घटनाएं अधिक बढ़ गई हैं। जानकारी के मुताबिक पीजी सेंटरों में अधिकतर कॉलेजों में पढऩे वाले स्टूडेंट्स रहते हैं। नशेड़ी किस्म के स्टूडेंट्स अपनी नशे की लत को पूरा करने के लिए ऐसी घटनाओं को अंजाम दे बैठते हैं।  पीजी में रहने के लिए 3 से 5 हजार रुपए किए जाते हैं चार्ज     पीजी संचालकों द्वारा पीजी में रहने वाले व्यक्ति की सुविधा मुताबिक पैसे चार्ज किए जाते हैं। सिंगल रूम के साथ खाने की सुविधा के लिए 3 से 5 हजार रुपए तक वसूल किए जाते हैं। कुछ तो स्टूडेंट्स पीजी में मात्र रहने के लिए 2200 से 2500 रुपए तक दे रहे हैं।  काबिलेगौर है कि शहर के ज्ञानी जैल सिंह नगर, अली मोहल्ला रोपड़, सरकारी कालेज रोड़, मल्होत्रा कॉलोनी, हरगोबिंद नगर रोपड़ में पीजी सेंटर खुले हैं। यही नहीं कुछ लोगों द्वारा अपने घरों में कॉलेज स्टूडेंट्स तथा विभिन्न कंपनियों के कर्मचारियों को पीजी के तौर पर रखा हुआ है। इसके लिए लोगों ने अपने घर का कमर्शियल इस्तेमाल करने पर चेंज ऑफ लैंड यूज का सर्टिफिकेट तक नहीं लिया हुआ है। इसके बावजूद भी पुलिस व प्रशासन ऐसे लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है । शहर के एक पीजी मालिक ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्होंने अभी तक कभी भी पेइंग गेस्ट से कोई पहचान पत्र तक नहीं लिया है। उनके पास तो मात्र आसपास के कॉलेजों में पढऩे वाले स्टूडेंट ही रहते हैं। प्रत्येक माह उन्हें पीजी में रहने वाले व्यक्तितय राशि दे जाते हैं।  घरों में ही चल रहे सेंटर  रोपड़ में अवैध पीजीत्नपीजी में रहने वालों की पहचान तक अपने पास रखना उचित नहीं समझते मालिक  अजय का ‘वॉयस ऑफ हिमालय के क्वार्टर फाइनल ऑडिशन के लिए चयन  अविनाश राय आज कीरतपुर साहिब में  बेरोजगार व सेम वाली जमीन के मालिक मछली पालें : अग्रवाल  टीएसयू के सर्किल अध्यक्ष बने जसवीर  प्रशासन के नियमों को ठेंगा  महिला ने डायल 108 एंबुलेंस में दिया बच्चे को जन्म  सड़क पर बिना रोकटोक खड़े होते हैं वाहन