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मुंबई पुलिस ने ट्रैफिक रोका, धक्का-मुक्की की, फडणवीस ने माफी मांगी  दबंगों ने कराई सामूहिक नकल, अंचल में 202 नकलची पकड़े  दिल्ली में बारिश ने 100 साल का रिकॉर्ड तोड़ा, जम्मू-कश्मीर में बर्फ की चट्‌टानें गिरीं  डालमिया को बीसीसीआई की कमान  केजरीवाल को हटाने की साजिश : संजय  एजेंसी | जम्मू   जम्मू-कश्मीरके मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के बयान पर मचा बवाल अभी थमा नहीं है। इस बीच एक और बयान गया। पीडीपी के आठ विधायकों ने सोमवार को कहा, ‘संसद पर हमले के दोषी अफजल गुरु को दी गई फांसी न्याय और संविधान का मजाक है। उसकी अस्थियों को कश्मीर लाया जाए।   बयान में कहा, ‘पीडीपी अपने रुख पर कायम है। गुरु को फांसी पर चढ़ाने की प्रक्रिया सही नहीं थी। पीडीपी उसकी निंदा करती है। उसके अवशेषों को कश्मीर लाने की मांग पर पार्टी गंभीरता से फॉलो अप लेगी। निर्दलीय विधायक राशिद इंजीनियर का गुरु को माफी देने की मांग का प्रस्ताव सही था। उसे सदन में मंजूरी दी जानी थी। इंजीनियर ने 2011 में राज्य विधानसभा में संकल्प पेश किया था। लेकिन हंगामे की वजह से उस पर चर्चा नहीं हो सकी थी। संयुक्त बयान देने वालों में मो. खलील, जरूर अहमद मीर, रजा मंजूर अहमद, मो. अब्बास वानी, यावर दिलावर मीर, एडवोकेट मोहम्मद युसुफ, एजाज अहमद मीर और नूर मोहम्मद शेख शामिल हैं।   2013में फांसी पर चढ़ाया था गुरु को : मोहम्मदअफजल गुरु को 2001 में भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमले का दोषी मानते हुए 9 फरवरी 2013 की सुबह तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया था। 13 दिसंबर 2001 को जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा नामक आतंकी गुटों के पांच आतंकियों ने देश की संसद पर हमला किया था। पुलिस के अनुसार जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी अफजल गुरु इस मामले का मास्टर माइंड था।  दैनिक भास्कर अब देश का सबसे विश्वसनीय भाषाई ब्रांड  नौ लाख लोगों के अमरनाथ यात्रा पर जाने का अनुमान  रेल यात्रियों के लिए एप, पोर्टल लॉन्च  9,000 फीट से छलांग पड़ा मिर्गी का दौरा  हर बार की तरह इस बार भी अबीर गुलाल के साथ तिलक होली  मोदी ने संसद की कैंटीन में किया 29 रुपए में लंच  डबल कर्व स्क्रीन वाला पहला फोन लॉन्च  मंगलवार, 3 मार्च, 2015, फाल्गुन शुक्ल पक्ष 13-14, 2071
 
 
 
 
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