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भोपाल }यह तस्वीर मैदा मिल इलाके की एक सड़क की है। यहां सड़क किनारे कई महीनों से बिजली के खंभे झुका हुआ भोपाल }यह तस्वीर मैदा मिल इलाके की एक सड़क की है। यहां सड़क किनारे कई महीनों से बिजली के खंभे झुका हुआ है। खंभे के आसपास नीचे तक बिजली के तार हवा में झूल रहे हैं। इस रास्ते से दिन-भर वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। ऐसे में कभी-भी कोई हादसा हो सकता है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। झुके बिजली के खंभे, हवा में झूलते तार, हादसे का भय झुके बिजली के खंभे, हवा में झूलते तार, हादसे का भय ई-लॉकर पर हमलाभानपुर निवासी रघुवीर सिंह प्राॅपर्टी का काम करते हैं। इनके मोबाइल पर एक के बाद एक दो ओ ई-लॉकर पर हमलाभानपुर निवासी रघुवीर सिंह प्राॅपर्टी का काम करते हैं। इनके मोबाइल पर एक के बाद एक दो ओटीपी आए। उन्हें समझ नहीं आया तो उन्होंने उन्होंने बेटे को बताया। जानकारी जुटाने पर पता चला कि उनके ई-लॉकर को खोलने की कोशिश की गई है। चूंकि ई-लॉकर उनके मोबाइन नंबर से जुड़ा हुआ है, इसलिए उनके पास ओटीपी आए। रघुवीर ने बताया कि उनके ई-लॉकर में आईडी कार्ड और बैंकिंग दस्तावेजों के साथ प्राॅपर्टी के कागजात रखे हैं। अगर वे ओटीपी बता देते तो पूरी डिटेल जालसाजों को मिल जाती। टिकटॉक बैक का लालचबैन किए गए टिकटॉक एप के नाम पर भी ठगी हो रही है। कॉलेज स्टूडेंट राहुल बड़गोती के मो टिकटॉक बैक का लालचबैन किए गए टिकटॉक एप के नाम पर भी ठगी हो रही है। कॉलेज स्टूडेंट राहुल बड़गोती के मोबाइल पर मैसेज आया कि टिकटॉक इस बैक। टिकटॉक के दीवाने राहुल से लिंक पर क्लिक करने को कहा। राहुल ने लिंक पर क्लिक किया तो उनका मोबाइल थोड़ी देर के लिए हैंग हो गया। कुछ शक हुआ तो राहुल ने तत्काल मोबाइल बंद कर दिया।यह मामले सामने आए थेभोपाल का पांचवी फेल युवक अमित ठगी करने के मामले में इसी महीने पकड़ा गया था। वह लोगों के मोबाइल नंबर जुटाकर लोगों को फांसता था। भोपाल से बैठकर उसने ग्वालियर तक के लिए लोगों को ठग लिया। पांच फर्जी लोन कंपनियां बनाकर एक पूरी गैंग ने दस हजार से अधिक लोगों के साथ करोड़ों की ठगी की थी।सतर्क तो हमें ही रहना हाेगा लोगों की जरूरत को ध्यान में रखकर ही ठगी करने वाले जाल फैलाते हैं। सतर्क तो हमें ही रहना होगा। लोन के लिए पहले अच्छी तरह पड़ताल कर लें। हेमराज सिंह चौहान, सायबर एक्सपर्ट और एथिकल हैकर भोपाल } डीबी स्टारलोगों को फांसने के लिए ठगी करने वाले नित नए तरीके अपना रहे हैं। अब इनकी निगाह ई-ल भोपाल } डीबी स्टारलोगों को फांसने के लिए ठगी करने वाले नित नए तरीके अपना रहे हैं। अब इनकी निगाह ई-लॉकर पर है। इसके लिए ई-लॉकर खोले बिना ही लोगों को ओटीपी मैसेज भेज रहे हैं। इसके बाद संबंधित को कॉल कर ओटीपी नंबर पूछते हैं। नंबर मिलते ही लाॅकर में सुरक्षित रखी जानकारी जालसाजों को मिल जाती है। इसके अलावा छोटे पर्सनल लोन, ऑनलाइन जाॅब आदि का लालच देकर भी ठगी की जारी है। सायबर एक्सपर्ट के मुताबिक भोपाल में ही हर दिन दो से तीन मामले ठगी के होते हैं।छोटे पर्सनल लोन का ऑफरअवधपुरी स्टर्लिंग कॉलोनी निवासी संतराम मिश्रा एक निजी कॉलेज में गार्ड थे। कोरोना के कारण उनकी सैलेरी आधी हो गई और बेटी की स्कूल फीस चुकाने के लिए पैसों की जरूरत पड़ी। इस दौरान 18 जुलाई 2020 को संतराम के मोबाइल पर मैसेज आया कि 30 हजार रुपए का लोन लीजिए सिर्फ पंद्रह मिनट में। संतराम ने मैसेज भेजने वाले नंबर पर कॉल कर पूछा कि लोन कैसे मिलेगा। इस पर जवाब मिला कि पैन कार्ड, आधार कार्ड नंबर और बैंक अकाउंट नंबर लगेगा। फिर पंद्रह मिनट में खाते में पैसे पहुंच जाएंगे। संतराम के मोबाइल पर एक ओटीपी आया। कॉलर ने ओटीपी नंबर मांगते हुए कहा कि आपका पंजीयन हो गया है। संतराम ने जैसे ही ओटीपी बताया रकम आने के बजाय खाते से दस हजार रुपए निकल गए। लोगों को ठगने के लिए जालसाज नए हथकंडे अपना रहे हैं। उनके निशाने पर ई-लॉकर के अलावा सस्ता लोन और बेहत लोगों को ठगने के लिए जालसाज नए हथकंडे अपना रहे हैं। उनके निशाने पर ई-लॉकर के अलावा सस्ता लोन और बेहतर नौकरी ढूंढने वाले हैं। ओटीपी के जरिए भी लोगों के बैंक खातों से रकम साफ कर रहे हैं। जालसाजी का नया तरीका... ओटीपी लेकर दस्तावेजों में सेंध, फिर अकाउंट भी साफ जालसाजी का नया तरीका... ओटीपी लेकर दस्तावेजों में सेंध, फिर अकाउंट भी साफ गाइडलाइन ही तय नहीं, अब कैसे होेगा एडमिशन गाइडलाइन ही तय नहीं, अब कैसे होेगा एडमिशन क्वारेंटाइन खत्म करने के अादेश से डाॅक्टर्स खतरे में क्वारेंटाइन खत्म करने के अादेश से डाॅक्टर्स खतरे में संक्रमण की मंडी संक्रमण की मंडी राशन की पर्ची अब वार्ड दफ्तरों से मिल सकेगी राशन की पर्ची अब वार्ड दफ्तरों से मिल सकेगी कांच की बेकार बोतलों से बना देती हैं होम डेकोरेशन की अनूठी वस्तुएं... कांच की बेकार बोतलों से बना देती हैं होम डेकोरेशन की अनूठी वस्तुएं...
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