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कोविड के बाद 15% से अधिक बढ़े हार्ट के केस, दिल के रोगियों में 50 से 60% की उम्र 50 साल से कम


कोरोना ने लंग्स ही नहीं दिल पर भी गहरा घात किया है, जिसका परिणाम अब पोस्ट कोविड बीमारी के रूप में सामने आ रहा है। जयपुर शहर के हृदय रोग अस्पतालों के नवीनतम आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं, क्योंकि दिल का दौरा पड़ने वाले लोगों में 50 से 60% की उम्र 50 साल से कम है। पिछले एक दशक से देश के युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। कोरोना के बाद हार्ट डिजीज के मामलों में आश्चर्यजनक रूप से 15 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी देखी जा रही है। युवाओं के दिल को कमजोर करने के लिए जंक फूड, वर्क प्रेशर, स्टेरॉयड और नशे की लत जिम्मेदार है।
हार्ट फेलियर के लक्षण
हार्ट फेल होने से पहले मरीज को सांस की तकलीफ हो सकती है। इसके अलावा कमजोरी और थकावट की दिक्कत बढ़ने लगती है। पंजे, एड़ी या पैरों में सूजन बढ़ने लगती है। हार्ट बीट तेज और अनियमित हो सकती हैं। लगातार खांसी और फ्लूड रिटेंशन की वजह से वजन बढ़ सकता है।
भास्कर एक्सपर्ट : इटर्नल हॉस्पिटल सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. प्रेम रतन डेगावत, एसएमएस हॉस्पिटल डॉ. मोहित शर्मा, नारायणा हॉस्पिटल डॉ. निखिल चौधरी, महात्मा गांधी हॉस्पिटल डॉ. राजीव शर्मा, फोर्टिस हॉस्पिटल डॉ. अमित कुमार सिंघल।
30 से 50 साल वालों में भी बढ़ोतरी
वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर भास्कर ने शहर के प्रमुख हॉस्पिटल जैसे एसएमएस, महात्मा गांधी, नारायणा हृदयालय, इटर्नल और फोर्टिस का डेटा खंगाला, तो उसमें ये चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। नारायणा के अलावा बाकी चार हॉस्पिटल्स से मिले डेटा के मुताबिक कोविड के बाद प्रतिवर्ष 30 से 50 साल की आयु वाले लोगों में 10 से 15 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। वहीं नारायणा में 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है।
5 बड़े हॉस्पिटल की रायशुमारी
2021 (सितंबर तक)
हॉस्पिटल ऐज ग्रुप ऐज ग्रुप कुल
30-50 50-70
एसएमएस 84,000 21,000 1,05,000
महात्मा गांधी 18,000 4,500 22,500
फोर्टिस 19,200 4,800 24,000
इटर्नल 3,850 1,650 5,500
नारायणा 21,600 14,400 36,000
2020
एसएमएस 90,720 22,680 1,13,400
महात्मा गांधी 19,440 4,860 24,300
फोर्टिस 20,736 5,184 25,920
इटर्नल 4,158 1,782 5,940
नारायणा 20,736 13,824 34,560
2019
एसएमएस 89,813 22,453 1,12,266
महात्मा गांधी 17,496 4,374 21,870
फोर्टिस 18,662 4,666 23,328
इटर्नल 3,742 1,604 5,346
नारायणा 16,588 11,060 27,648
(नोट: ये अांकड़े डॉक्टर्स द्वारा अनुमानित हैं)
युवाओं में बढ़ी हार्ट अटैक की समस्या
एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोविड-19 का इंफेक्शन बॉडी में इंफ्लेमेशन को ट्रिगर करता है, जिससे दिल की मांसपेशियां कमजोर पड़ने लगती हैं। इससे धड़कन की गति प्रभावित होती है और ब्लड क्लॉटिंग की समस्या असामान्य रूप से उत्पन्न होने लगती है। कोरोना से पहले फेफड़ों में खून के थक्के जमना आम था, लेकिन अब हाथ-पैरों में भी खून के थक्के बनने लगे हैं। इससे युवाओं में भी हार्ट अटैक से जुड़ी समस्या बढ़ी है।
कोविड के बाद तेजी से बढ़ रहे हार्ट अटैक को लेकर भास्कर ने 5 हॉस्पिटल की पड़ताल की, डॉक्टर्स ने कहा- कोविड के बाद फेफड़ों में ही नहीं हाथ-पैरों में जमने लगा है खून का थक्का
दिल के दौरे से बचने के तरीके
{पौष्टिक एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें।
{हर दिन करीब आधे से एक घंटे ब्रिस्क वॉक करें।
{ ​​ब्लड शुगर लेवल को चेक करते रहें।
{ ​धूम्रपान और शराब का सेवन पूरी तरह बंद हो।
{फोन का प्रयोग कम करें।

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