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12 घंटे की बारिश ने प्रशासन की व्यवस्था की खोली पोल, नदी और नाले उफान पर, निचली बस्तियों के घरों के भीतर घुसा पानी


जिले में मानसून सक्रिय हो गया है। रविवार रात से सोमवार सुबह 9 बजे तक झड़ी लगी रही। कई क्षेत्रों में शाम को भी झमाझम बारिश होती रही। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। लीलागर नदी का जलस्तर बढ़ने से पुल से 4 फीट ऊपर पानी बह रहा था। तान नदी से पानी आने पर दर्री बराज के दो गेट खोल कर 15 हजार क्यूसेक पानी देर शाम तक नदी में छोड़ा जाता रहा। बांगो बांध का जलस्तर भी बढ़ने लगा है सुबह तक 5 फीट बढ़ा था। लेकिन अभी गेट खोलने के लिए इंतजार करना पड़ेगा। उधर नाला का काम पूर्ण नहीं होने पर प्रगति नगर दीपका कॉलोनी के कई मकानों में पानी भरने से लोग परेशान रहे। इसी के साथ ही सड़कों की बदहाली भी सामने आई।
मानसून के सक्रिय होने के बाद पहली बार झमाझम बारिश में जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। 24 घंटे में 22 मिली मीटर औसत बारिश दर्ज की गई है । मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह रोज बदली वह बारिश की संभावना बनी रहेगी। शहर में महाराणा प्रताप चौक से घंटाघर के भी नाला का निर्माण कराया जा रहा है । वह भी अभी अधूरा है। इसी तरह लालू राम कॉलोनी में भी पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। डीडीएम रोड का नाला भी अभी अधूरा है। आने वाले दिनों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
पानी निकासी की व्यवस्था करने एसईसीएल को दी जिम्मेदारी
कटघोरा एसडीएम सूर्यकिरण तिवारी ने बताया कि प्रगति नगर कॉलोनी में पानी भराव की समस्या है । वहां निरीक्षण कर एसईसीएल अधिकारियों को पानी निकासी कराने कहा गया है।
किस तहसील में कितनी हुई बारिश
कोरबा
विधायक गांव में फंसे, कहा- आवागमन लायक बनाएं सड़क
पाली तानाखार विधायक मोहित केरकेट्टा अपने गृह ग्राम पोलमी में फंसे हुए हैं। उनका वाहन बाहर नहीं निकल पा रहा है। विधायक ने कहा सड़क को चलने लायक बनाने कहा है। अधिकारियों को उन्होंने फटकार लगाई। ग्रामीणों को आवाजाही में परेशानी नहीं होनी चाहिए। इस मार्ग से ग्रामीण रतनपुर व बेलगहना की ओर भी आवाजाही करते हैं। बारिश का सीजन 3 महीने का होता है। इस दौरान जहां भी मिट्टी डाली गई है। उसका समतलीकरण कर ऊपर में गिट्टी डालकर चलने लायक बनाया जाए।
बारिश ( मिलीमीटर में)
2 साल बाद नहीं बना पुल: 20 किमी घूमकर आवाजाही
बांकीमोंगरा: कटघोरा दीपका मार्ग पर सलिहानाला उफान पर रहा। चाकाबुड़ा के पास 2 साल बाद भी पुल नहीं बना। इसकी वजह से लोगों को 15 से 20 किलोमीटर दूर घूमकर आवाजाही करनी पड़ी। कई लोग बाइक को निर्माणाधीन पुल पर चार-पांच लोग उठाकर पार करते रहे। देर शाम तक नाला का जलस्तर कम नहीं हुआ था। महिलाओं और बच्चों को भी इसी रास्ते से गंतव्य तक पहुंचना मजबूरी है।
22.5
जान जोखिम में डालना मजबूरी: लीलागर नदी पुल के ऊपर दो फीट से ज्यादा पानी
15.6
जानिए... बारिश में कहां किस तरह लोग हुए परेशान, बांगो बांध का बढ़ने लगा जलस्तर, 24 घंटे में 22 मिमी औसत बारिश दर्ज
14.2
8.0
26.4
7.6
63.2
औसत
पोड़ी उपरोड़ा
हरदीबाजार
पाली
कटघोरा
करतला
हरदीबाजार: बारिश के बाद लीलागर नदी का जलस्तर खदान से पानी छोड़ने की वजह से बढ़ गया। रेकी मार्ग पर बने पुल से 4 फीट ऊपर पानी बह रहा था। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई। लोगों ने कहा दीपका खदान से पानी छोड़ने से ही नदी का जलस्तर बढ़ जाता है। यहां बड़ा पुल बनाने की मांग की जा रही है, लेकिन अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। लोग जान जोखिम में डालकर पुल पार करते रहे हैं।
पाली: तहसील क्षेत्र में रोज बारिश हो रही है। इसकी वजह से पाली पोड़ी होते हुए सिल्ली तक निर्माणाधीन सड़क में ठेकेदार की लापरवाही से पैदल चलना मुश्किल हो गया है। मिट्टी डालने से पूरी तरह कीचड़ हो गया है। इस सड़क की लागत 55 करोड रुपए है। सड़क में कीचड़ होने से 25 से अधिक गांव के लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसके बाद भी अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
गेवरा दीपका: एसईसीएल दीपका के प्रगति नगर कॉलोनी में नाला का पानी फिर से मकानों में घुस गया। 10 दिन पहले पार्षद अरुणीश तिवारी ने एसईसीएल महाप्रबंधक रंजन प्रसाद को अवगत कराया था। कटघोरा एसडीएम सूर्यकिरण तिवारी दीपका पहुंची और एसईसीएल के अफसरों को फटकार लगाते हुए पानी निकासी की व्यवस्था करने कहा।
कुसमुंडा दर्री: सर्वमंगला से इमलीछापर के बीच 5 किलोमीटर की सड़क डबरी में तब्दील हो गई है। दो करोड़ की लागत से मरम्मत की बात कहते रहे। अब लोगों को गड्ढों के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। यही हाल गेरवाघाट एप्रोच रोड का है। डामरीकरण नहीं होने से सड़क पर पानी भर गया है। इससे एक लाख की आबादी को सफर करना पड़ रहा है।
ये डगर कठिन: निर्माणाधीन सड़क में डाली मिट्टी, कीचड़ होने से पैदल चलना मुश्किल
कॉलोनी में घुसा पानी: एसडीएम ने लगाई एसईसीएल अफसरों को फटकार, नाराजगी
पश्चिम की सड़कें बनी डबरी: आवाजाही करने वाली 1 लाख की आबादी हलाकान

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