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दिन में कुल्लू से भी ठंडा रहा पटना दिन में कुल्लू से भी ठंडा रहा पटना आज दुनिया के 20 % लोग भारत में हैं जबकि जमीन पूरी दुनिया की मात्र ढाई फीसदी है। कितना बड़ा गैप है। यह आज दुनिया के 20 % लोग भारत में हैं जबकि जमीन पूरी दुनिया की मात्र ढाई फीसदी है। कितना बड़ा गैप है। यह गैप और बढ़ेगा। फिर क्या होगा? आज 10 में 1 व्यक्ति को पीने का शुद्ध पानी नहीं मिल रहा। कल 10 में केवल 1 को शुद्ध पानी मिलेगा। ऐसे में देश को जरूरत है कड़े जनसंख्या नियंत्रण कानून की, जो सभी धर्मों पर समान रूप से लागू हो। आपकी नजर में देश की बढ़ती जनसंख्या कितनी बड़ी समस्या है?-देश की जनसंख्या अनियंत्रित ढंग से बढ़ रही है औ आपकी नजर में देश की बढ़ती जनसंख्या कितनी बड़ी समस्या है?-देश की जनसंख्या अनियंत्रित ढंग से बढ़ रही है और समय रहते इसपर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में हम बड़ी मुसीबत में फंसेंगे। जनसंख्या वृद्धि विस्फोटक रूप ले चुकी है और जिस तरह से इसमें बढ़ोतरी हो रही है, वह चिंता की बात है। 15 अगस्त 2019 को पीएम नरेन्द्र मोदी ने बढ़ती जनसंख्या पर चिंता व्यक्त की थी। उस भाव को हमें समझना होगा।{जनसंख्या चिंता का विषय कैसे? देश में सरप्लस अनाज है ?-आज हमारे पास पर्याप्त अनाज है, लोगों के पेट भर रहे हैं। पर, जो हाल है वह खतरनाक भविष्य का संकेत दे रहा है। जनसंख्या नियंत्रित नहीं हुई और मौजूदा वृद्धि पर प्रभावी रोक नहीं लगी तो महज तीन दशक बाद हम अनाज संकट की चपेट में होंगे। वर्ष 2050 तक जितनी आबादी होगी, उसे हम भरपेट भोजन नहीं दे पाएंगे। सबसे बड़ा दुष्परिणाम होगा कि हमारा सामाजिक ताना-बाना बुरी तरह प्रभावित होगा।{सामाजिक ताने-बाने से जनसंख्या वृद्धि का क्या लेना-देना?-बिहार के ही चार जिले किशनगंज, अररिया, कटिहार, पूर्णिया में जनसंख्या अनुपात गिर रहा है। यहां अल्पसंख्यक 70% और बहुसंख्यक 30% के करीब हैं। इसी तरह सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, बेतिया में डेमोग्राफिक चेंज की वजह से सामाजिक विषमता की स्थिति खड़ी हो गई है। बिहार के ये कुछ जिले तो उदाहरण हैं। पूरे देश में ऐसे जिलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यहां स्पष्ट करना जरूरी है कि जब मैं जनसंख्या कानून की बात करता हूं तो लोग इसे धार्मिंक या सांप्रदायिक चश्मे से देखते हैं, जबकि इसे सामाजिक चश्मे से देखने की जरूरत है।शेष देश-विदेश पेज पर मुद्दा कोई भी हो केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह उस पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं। कहते ह मुद्दा कोई भी हो केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह उस पर अपनी बेबाक राय रखने के लिए जाने जाते हैं। कहते हैं, मेरा मकसद धार्मिक, सांप्रदायिक या राजनीतिक नहीं...सिर्फ और सिर्फ सामाजिक होता है। वह जल्द जनसंख्या नियंत्रण कानून बनाने की पुरजोर वकालत करते रहे हैं। इस मुद्दे पर क्या है उनकी सोच? क्यों है जरूरत? क्या है खतरा? जैसे तमाम सवालों पर पढ़िए हमारे संवाददाता आलोक चंद्र कीे विशेष बातचीत... सवाल: देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है ? सवाल: देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है ? बिहार में शिक्षकों की भर्ती में धांधली का सबसे बड़ा अध्याय बिहार में शिक्षकों की भर्ती में धांधली का सबसे बड़ा अध्याय दावा: शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा है कि नियोजित शिक्षकों की मेधा सूची नियोजन इकाइ दावा: शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने कहा है कि नियोजित शिक्षकों की मेधा सूची नियोजन इकाइयों के पास ही रखने का प्रावधान था। इसकी अन्य कॉपियां बीईओ या डीईओ कार्यालय में हैं या नहीं, इसकी जांच कराएंगे। चार साल बाद भी फोल्डर की जांच क्यों नहीं हो रही है?-फोल्डर मिलने में देर से जांच में देरी हो रही है। चार साल बाद भी फोल्डर की जांच क्यों नहीं हो रही है?-फोल्डर मिलने में देर से जांच में देरी हो रही है। कहीं फोल्डर मिल गए पर मेधा सूची नहीं है। शिक्षक के दिए प्रमाण पत्र और मेधा सूची के अंकों से मिलान कर ही तो जांच की जा सकेगी।गायब होने की वजह फर्जी भर्ती है?-ऐसा संभव है। मिलीभगत के मामले सामने भी आए हैं। कई जगह नए कर्मियों को फोल्डर नहीं मिलने की भी बात आ रही है।किस स्तर के शिक्षकों के फोल्डर अबतक नहीं मिल रहे?-2005 से पहले पंचायतों में रखे गए शिक्षा मित्र के मामले अधिक हैं। तब फोल्डर आदि की व्यवस्था नहीं थी।जांच जल्द पूरा कराने के लिए आगे क्या रणनीति होगी?-जिनके फोल्डर नहीं मिले हैं, उन्हें शिक्षा विभाग के पोर्टल पर सर्टिफिकेट अपलोड करना है। इससे जांच में तेजी आ सकती है। एसके विश्वास, एसपी, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो एसके विश्वास, एसपी, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो सीधी बात सीधी बात जांच में िमलीभगत के कई सबूत भी मिले जांच में िमलीभगत के कई सबूत भी मिले पंकज कुमार सिंह| पटनाबिहार में शिक्षक बहाली में फर्जीवाड़े की चार साल से अनोखी जांच चल रही है। आरोपी पंकज कुमार सिंह| पटनाबिहार में शिक्षक बहाली में फर्जीवाड़े की चार साल से अनोखी जांच चल रही है। आरोपी से ही खुद के खिलाफ सबूत देने को कहा जा रहा है। ऐसे में नतीजा सिफर तय था। अबतक वही हुआ भी। हाईकोर्ट की लगातार फटकार व नाराजगी के बावजूद निगरानी की जांच अागे नहीं बढ़ पा रही है। दरअसल, मुखिया सहित जिन स्थानीय निकाय के जनप्रतिनिधियों-सरकारी कर्मियों व शिक्षा वि भाग के अफसरों-कर्मियों की मिलीभगत से शिक्षकों की फर्जी तरीके से बहाली की गई, ऐसे लोगों को ही इन फर्जी शिक्षकों के सर्टिफिकेट लगे फोल्डर निगरानी को जांच के लिए देने हैं। ताकि पता चल सके कि इनकी डिग्रियां सही हैं या नहीं। लेकिन ये जनप्रतिनिधि व कर्मचारी फाेल्डर दे ही नहीं रहे हैं। 1 लाख 3 हजार 917 नियोजित शिक्षकों के शैक्षणिक और प्रशिक्षण के फोल्डर निगरानी को अबतक नहीं मिले हैं। 5 दिसंबर 2016 को ही हाईकोर्ट ने 2006 से 2015 के बीच नियुक्त 3,52818 शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच का आदेश दिया था। उस समय से हाईकोर्ट और विभागीय आदेश के बावजूद जांच अटकी-भटकी हुई है। इधर, हाईकोर्ट ने जांच के लिए फोल्डर नहीं देने वाले शिक्षकों का फरवरी से वेतन रोकने का आदेश दिया है। 723164 सर्टिफिकेट को निगरानी ने जांच के लिए लिया 723164 सर्टिफिकेट को निगरानी ने जांच के लिए लिया 317319 सर्टिफिकेट की पड़ताल अब तक है लंबित 317319 सर्टिफिकेट की पड़ताल अब तक है लंबित 353017 कुल शिक्षक व पुस्तकालयाध्यक्ष की संख्या 353017 कुल शिक्षक व पुस्तकालयाध्यक्ष की संख्या 1.03 लाख शिक्षकों के फोल्डर अब भी गायब }4 साल से अटकी निगरानी जांच 1.03 लाख शिक्षकों के फोल्डर अब भी गायब }4 साल से अटकी निगरानी जांच अजब : शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति करने वालों से ही मांग रहे सबूत, नतीजा सिफर अजब : शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति करने वालों से ही मांग रहे सबूत, नतीजा सिफर हाईकोर्ट ने 2016 में 2006 से भर्ती शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच का दिया था आदेश हाईकोर्ट ने 2016 में 2006 से भर्ती शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच का दिया था आदेश हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी जांच में तेजी नहीं, बड़े स्तर पर संलिप्तता व संरक्षण की पूरी संभावना हाईकोर्ट की सख्ती के बाद भी जांच में तेजी नहीं, बड़े स्तर पर संलिप्तता व संरक्षण की पूरी संभावना 12 राज्य | 65 संस्करण 12 राज्य | 65 संस्करण केंद्रीय मंत्री की दो टूक }जल्द जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून नहीं बने तो बेकाबू हो जाएंगे हालात केंद्रीय मंत्री की दो टूक }जल्द जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून नहीं बने तो बेकाबू हो जाएंगे हालात गिरिराज बोले-बढ़ती जनसंख्या बड़ी समस्या; देश के कई जिलों में अल्पसंख्यक 70% व बहुसंख्यक 30% ही... यह ख गिरिराज बोले-बढ़ती जनसंख्या बड़ी समस्या; देश के कई जिलों में अल्पसंख्यक 70% व बहुसंख्यक 30% ही... यह खतरनाक गया: करीमगंज में युवक को मारीं 5 गोलियां गया: करीमगंज में युवक को मारीं 5 गोलियां सरकार क्यों चाहती है ट्रैक्टर रैली को हम रोकंे, खुद फैसला ले: सुप्रीम कोर्ट सरकार क्यों चाहती है ट्रैक्टर रैली को हम रोकंे, खुद फैसला ले: सुप्रीम कोर्ट दो सीट, दो ही नामांकन : शाहनवाज व सहनी का विधान पार्षद बनना तय दो सीट, दो ही नामांकन : शाहनवाज व सहनी का विधान पार्षद बनना तय 51% स्वास्थ्यकर्मियों को ही दी गई कोरोना की वैक्सीन 51% स्वास्थ्यकर्मियों को ही दी गई कोरोना की वैक्सीन पटना समेत 26 जिलों मेंअगले 48 घंटे कोल्ड डे पटना समेत 26 जिलों मेंअगले 48 घंटे कोल्ड डे होमगार्ड में सिपाही बहाली की 24 को लिखित परीक्षा होमगार्ड में सिपाही बहाली की 24 को लिखित परीक्षा 2 2 मुखिया ने बीआरसी से मिल कर कीं फर्जी नियुक्तियां मुखिया ने बीआरसी से मिल कर कीं फर्जी नियुक्तियां 1 1 बिना रिक्तियों के पंस के फर्जी हस्ताक्षर से बहाली बिना रिक्तियों के पंस के फर्जी हस्ताक्षर से बहाली बिहार भास्कर बिहार भास्कर
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