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इन्फो...इस समय घर से ही दफ्तर के काम, मीटिंग्स और क्लास करना मजबूरी है, फिर भी कुछ लोग वीडियो कॉल क इन्फो...इस समय घर से ही दफ्तर के काम, मीटिंग्स और क्लास करना मजबूरी है, फिर भी कुछ लोग वीडियो कॉल को लेकर हिचकिचाते हैं। इस हिचकिचाहट को आत्मविश्वास में कैसे बदल सकते हैं, चलिए जानते हैं।वीडियो कॉल से हिचकिचाहट क्यों!पसंद से आत्मविश्वास जगाएंजब भी वीडियो कॉल हो, ऐसे परिधान पहनें, बालों का स्टाइल या मेकअप करें जिससे आपको अच्छा महसूस हो, जो आप में आत्मविश्वास जगाए।कुछ लोग काले रंग के कपड़ों में अच्छा महसूस करते हैं, तो कुछ महिलाएं काजल में। इसी तरह आपको भी रंग, परिधान या मेकअप अपनाना है।ख़ुद को पहले ही देख लेंकई बार हिचकिचाहट ये सोचकर भी होती है कि हम कॉल पर मौजूद लोगों के सामने कैसे दिख रहे हैं।अगर वीडियो कॉल का दिन और समय पहले से तय है, तो ऑनलाइन होने से पहले एक फोन से दूसरे फोन पर वीडियो कॉल करके ख़ुद जांच लें कि आप कैसे लग रहे हैं। कुछ कमी लगे तो उसे सही कर लें।ख़ुद से नज़रें मिलाएंअगर मीटिंग में लोगों से नज़रें मिलाकर कहने में दिक़्क़त हो रही है, तो ख़ुद पर ध्यान केंद्रित करें।वीडियो कॉल के समय मीटिंग में मौजूद कई लोगों के साथ आपके चेहरे की विंडो भी होती है। ऐसे में अपनी विंडो मैक्सीमाइज़ करके अपनी बात कर सकते हैं। चाहें तो अपने चेहरे वाली छोटी विंडो की तरफ़ देखकर भी बात कह सकते हैं।तैयारी के साथ बैठेंआपका काम, सवाल या जो समझाना है, उसे कागज़ पर लिख लें।मीटिंग के दौरान अपनी बात देखकर पूरी करें। अगर हो सके तो कॉल से पहले वीडियो रिकॉर्ड करके अभ्यास भी करें। इससे कमियां पहले ही जान सकेंगे। कैसे करें बचाव दफ़्तर के काम का समय निर्धारित करें और उसका पूरे अनुशासन और सख़्ती से पालन करें। खान- कैसे करें बचाव दफ़्तर के काम का समय निर्धारित करें और उसका पूरे अनुशासन और सख़्ती से पालन करें। खान-पान का ध्यान रखें। पौष्टिक भोजन ही लें। बेवक़्त न खाएं। अगर आपको दफ़्तर के काम का ज़्यादा तनाव होता है, तो पहले उसे पूरा करें, फिर घर का काम करें। अगर घर के काम से निबटकर सुकून से दफ़्तर का काम करना भाए, तो इसी सिलसिले को बनाएं। दोनों कामों को थोड़ा-थोड़ा करना तनाव बढ़ाएगा। अपनी रुचि से जुड़े किसी न किसी काम को रोज़ करें। ऑफिस व घर के काम को ख़त्म करके, अन्य दोस्तों से वीडियो कॉल करके बात करें। इससे आप अपनी प्रस्तुति को लेकर भी सजग होंगी और दूसरों के चेहरे देखकर अच्छा महसूस करेंगी। जब कोई प्रोजेक्ट पूरा हो जाए तो ख़ुद को सुकून-भरा इनाम दें। इसकी कोई निर्धारित दवा नहीं है इसलिए ऐसे लक्षणों पर मनोरोग विशेषज्ञों से सलाह लेनी चाहिए ताकि उनकी मदद से इसे दूर करने में आसानी हो। इससे पहले कि आप बर्नआउट की वजह से अनिद्रा, हृदय रोग और टाइप-2 डायबिटीज़ की शिकार हों, अपने घर के सदस्यों या बॉस से बात करें और उन्हें काम के दौरान आने वाली समस्याओं से अवगत कराएं ताकि वो आपको इस समस्या से निकालने में मदद कर पाएं। नवाचार... अंकिता जैनसीखने के भी सबके अपने अलग ढंग होते हैं। इनको जाने-समझे बिना सीखना बाधित हो सकता नवाचार... अंकिता जैनसीखने के भी सबके अपने अलग ढंग होते हैं। इनको जाने-समझे बिना सीखना बाधित हो सकता है और जान लेने पर सीखने की प्रक्रिया को कई गुना तेज़ किया जा सकता है। तो जान लेना ही बेहतर है न! लेखिका और परवरिश विशेषज्ञ के विचार जानिए।आप किस तरीक़े से बेहतर सीखते हैं? ग़ौरतलब है कि...कुछ ऐसी वस्तुएं जिन्हें हम काम की न समझकर फेंक देते हैं, वो बड़े काम आ सकती हैं।सिलिकॉ ग़ौरतलब है कि...कुछ ऐसी वस्तुएं जिन्हें हम काम की न समझकर फेंक देते हैं, वो बड़े काम आ सकती हैं।सिलिकॉन पाउच... madhurima@dbcorp.in madhurima@dbcorp.in
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